Nalanda News : नालंदा के इस्लामपुर प्रखंड के बेले पंचायत अंतर्गत बकौर गांव निवासी 86 वर्षीय ग्रामीण सरयुग प्रसाद ने गांव की विभिन्न समस्याओं के समाधान की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री को प्रेषित आवेदन में विस्तार से समस्याओं का जिक्र किया है.
प्रेषित आवेदन में ग्रामीण ने बतलाया कि बकौर गांव में अब तक सभी गलियों एवं नालियों का निर्माण नहीं हो पाया है. नाली निर्माण कार्य नहीं होने से गांव के कई घरों का गंदा पानी सीधे किसानों के खेतों में बहता है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है. उन्होंने पूरे गांव में नाली-गली निर्माण कार्य अविलंब कराने की गुहार लगाई है.
पइन और आहर पर अतिक्रमण से सिंचाई व्यवस्था अवरुद्ध
ग्रामीण ने कहा कि गांव के पइन और आहर पर अतिक्रमण होने से सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह अवरुद्ध है. ऐसे में निर्बाध कृषि कार्य के लिए अतिक्रमण हटाकर पइन और आहर की खुदाई कराए जाने की आवश्यकता है.
चकबंदी का उल्लेख और बदलैन के आधार पर म्यूटेशन की मांग
प्रेषित आवेदन में विगत वर्ष 1974 में हुई चकबंदी का उल्लेख करते हुए ग्रामीण ने कहा कि किसान आपसी सहमति से, अंचल कानूनगो एवं अमीन की सहमति से खेतों की अदला-बदली कर शांतिपूर्ण कृषि कार्य कर रहे हैं.
उन्होंने राज्य सरकार से बदलैन के आधार पर म्यूटेशन कराने की अनुमति देने की मांग की है, जिससे कि गांव के ग्रामीण और किसान शांतिपूर्वक जीवन गुजर-बसर करते हुए कृषि कार्य कर सकें. खेती बदलैन जमीन के समाधान की गुहार भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री से बदलैन जमीन के दाखिल-खारिज किए जाने का आदेश देने की मांग की.
विगत में दिए गए आवेदनों और शीघ्र समाधान की गुहार
ग्रामीण सरयुग प्रसाद ने बताया कि इस संबंध में विगत 6 जून और 30 जून 2026 को भी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर गांव की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की गुहार लगाई है.
