Bihar World Class Bus Terminals: बिहार की राजधानी पटना समेत कई शहरों में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के बस डिपो और आधुनिक बस टर्मिनल बनाए जाएंगे. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए पटना और उसके आस-पास के इलाकों सहित राज्य के 30 से ज्यादा स्थानों पर सरकारी जमीन की पहचान कर ली है. इन सभी परियोजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा. यहां लोगों को दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े महानगरों के टर्मिनलों जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी.
पटना समेत इन बड़े शहरों में इतनी जमीन हुई चिह्नित
इस नई योजना के तहत पटना में करीब पांच एकड़ भूमि पर एक नया शानदार बस डिपो बनाने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही पटना के ही ग्रामीण इलाकों जैसे पालीगंज, मोकामा और नौबतपुर में भी लगभग एक-एक एकड़ सरकारी जमीन फाइनल की गई है और वहां डिपो बनाने की कागजी प्रक्रिया चल रही है.
औरंगाबाद में 5.57 एकड़, मुजफ्फरपुर में 5.11 एकड़, गया में 4.95 एकड़, जमुई में 4.72 एकड़ और नवादा में 4.57 एकड़ जमीन पर विशाल बस डिपो बनाए जाएंगे. इनके अलावा बिहारशरीफ, पूर्णिया, मुंगेर के तारापुर और दरभंगा में भी तीन एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन पहले ही तय की जा चुकी है.
इन शहरों को भी मिलेगी नए बस टर्मिनल की सौगात
सरकार भागलपुर, सहरसा, मधुबनी, किशनगंज, मोतिहारी, छपरा, सुल्तानगंज, बरबीघा, चकाई, सीतामढ़ी, आरा, जहानाबाद, संग्रामपुर, भदौनी और राजगीर में भी बेहतरीन बस टर्मिनल विकसित करने जा रही है. इन सभी जगहों को मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में बदला जाएगा, ताकि यात्रियों को बस से उतरते ही परिवहन के अन्य साधन और जरूरी सुविधाएं एक ही बाउंड्री के अंदर मिल सकें.
कैसा होगा 5 मंजिला बस डिपो और क्या होंगी सुविधाएं
निगम की योजना के अनुसार ये सभी नए बस डिपो पांच मंजिला बनाए जाएंगे. यह किसी बड़े कमर्शियल हब जैसे दिखेंगे. इसके ग्राउंड फ्लोर पर बसों की पार्किंग, प्लेटफॉर्म और बसों की मरम्मत के लिए आधुनिक वर्कशॉप की व्यवस्था होगी. इसकी ऊपरी मंजिलों पर परिवहन निगम के दफ्तर, एसी और नॉन-एसी वेटिंग रूम, शानदार कैफेटेरिया, दुकानें, रात में रुकने के लिए डॉर्मेटरी और गेस्ट रूम की सुविधा मिलेगी. महिलाओं के लिए स्पेशल फीडिंग रूम, बैंक्वेट हॉल, शॉपिंग मॉल, होटल और बच्चों के लिए एंटरटेनमेंट जोन भी विकसित किए जाएंगे.
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युवाओं को मिलेगा रोजगार
बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने इस संबंध में बताया कि राज्य सरकार यातायात व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है. इन वर्ल्ड क्लास टर्मिनलों के बनने से आम लोगों के लिए सरकारी बसों का सफर काफी आकर्षक हो जाएगा.
मंत्री ने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं से न सिर्फ परिवहन तंत्र मजबूत होगा, बल्कि बस अड्डों पर मॉल, होटल और दुकानें खुलने से स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा. सरकार का अंतिम लक्ष्य हर जिला मुख्यालय में ऐसा आधुनिक बस टर्मिनल बनाना है जिससे शहर की अर्थव्यवस्था को नया बूस्ट मिल सके.
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