Bihar Weather: बिहार के आसमान से अब राहत की बूंदें नहीं, बल्कि अंगारे बरसने वाले हैं. डेहरी में पारा जिस रफ्तार से चढ़ा है, उसने पूरे प्रदेश के माथे पर पसीना ला दिया है. रोहतास का यह इलाका इस वक्त 40 डिग्री के करीब पहुंच चुका है.
IMD के अनुसार 18 अप्रैल से शुरू होने वाली है पछुआ हवाएं लू का रूप धारण कर राज्य के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लेंगी.
डेहरी बना सबसे गर्म शहर
सोमवार का दिन बिहार के लिए चेतावनी लेकर आया. जब लोग दफ्तरों और कामों के लिए बाहर निकले, तो उन्हें चिलचिलाती धूप ने झुलसा दिया. डेहरी 39.2 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म केंद्र रहा, लेकिन चिंता की बात यह है कि अगले चार दिनों में इसमें 4 डिग्री तक की और बढ़ोतरी हो सकती है.
बिहार के कई शहर बहुत जल्द 42 से 43 डिग्री के क्लब में शामिल होने वाले हैं. नमी गायब है और शुष्क हवाओं ने त्वचा को जलाना शुरू कर दिया है. पश्चिम चंपारण का वाल्मीकि नगर जरूर अपेक्षाकृत ठंडा रहा, लेकिन प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में दोपहर की धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया है. पछुआ हवाएं इस गर्मी को और तेज कर रही हैं.
18 अप्रैल से चलेगी जानलेवा लू
मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 17 अप्रैल तक बारिश का दूर-दराज तक कोई नामोनिशान नहीं है. असली चुनौती 18 अप्रैल से शुरू होगी, जिसके लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है. दक्षिण और मध्य बिहार के बक्सर, भोजपुर, औरंगाबाद, गया और नवादा जैसे जिलों में तापमान का ग्राफ तेजी से ऊपर जाएगा.
राजधानी पटना में भी दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसरने के आसार हैं क्योंकि गर्म पछुआ हवाएं लोगों को बीमार करने के लिए काफी होंगी. रातें भी अब सुकून भरी नहीं रहेंगी क्योंकि न्यूनतम तापमान में भी 3 डिग्री तक का उछाल आने की संभावना है.
सुबह सात बजे से ही सूरज के तेवर
अब वो दिन लद गए जब सुबह 10 बजे तक धूप मीठी लगती थी. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अब सुबह 7 बजे से ही सूरज की किरणें सीधा वार करना शुरू कर देंगी. दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक का समय सबसे घातक बताया जा रहा है. इस दौरान हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे अधिक होता है.
डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि खाली पेट घर से निकलना इस मौसम में खुद को मुसीबत में डालने जैसा है. जितना हो सके लिक्विड फूड का सेवन करें और अपने सिर को ढक कर ही बाहर कदम रखें. बिहार में गर्मी का यह रौद्र रूप फिलहाल थमने वाला नहीं है, इसलिए खुद को सुरक्षित रखना ही इस मौसम की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए.
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