Bihar Police: बिहार में पुलिसिंग व्यवस्था अब डिजिटल हो रही है. अपर पुलिस महानिदेशक एससीआरबी और आधुनिकीकरण अजिताभ कुमार ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अब नागरिक सेवा पोर्टल के माध्यम से लोग घर बैठे प्राथमिकी और शिकायत दर्ज करा सकते हैं. अब तक इस पोर्टल का उपयोग तीन लाख 80 हजार 493 लोगों ने किया है. सात हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है और 3 हजार 104 शिकायतें दर्ज की गई हैं.
नये और अपग्रेडेड थानों को भी मिलेगी यह सुविधा
बिहार पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि राज्य के 968 पुलिस थानों में सीसीटीएनएस प्रणाली पूरी तरह लागू है. इससे प्राथमिकी, स्टेशन डायरी और अन्य पुलिस कार्य अब डिजिटल रूप में किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि नये और अपग्रेडेड थानों को भी हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और नेटवर्क सुविधा देकर इस प्रणाली से जोड़ा जा रहा है. साथ ही क्रि मैक पोर्टल और जीरो एफआईआर व्यवस्था का भी प्रभावी उपयोग हो रहा है.
रिसर्चस को दिए गए मोबाइल और लैपटॉप
एडीजी ने बताया कि पुलिस आधुनिकीकरण के तहत सभी रिसर्चस को मोबाइल फोन और लैपटॉप उपलब्ध कराए गए हैं. इससे जांच कार्य और फील्ड स्तर की पुलिसिंग अधिक तेज और पारदर्शी हुई है. ई-साक्ष्य, ई-समन, ई-साइन और संदेश सेवा के एकीकरण से पूरी पुलिस प्रक्रिया को कागजरहित बनाया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि ई-साक्ष्य योजना में 22 हजार 848 में से 21 हजार 640 रिसर्चस का रजिस्ट्रेशन हो चुका है. अब तक तीन लाख 99 हजार से अधिक प्राथमिकियां दर्ज हुई हैं. इनमें एक लाख 42 हजार 484 साक्ष्य पहचान संख्या बनाई गयी है, जिनमें से 67 हजार 185 को प्राथमिकी से जोड़ा गया है.
1212 थानों और ओपी में लगे सीसीटीवी कैमरे
एडीजी ने बताया कि ई-समन प्रणाली 19 जून, 2025 से लागू है. अब तक एक लाख 22 हजार 664 ई-समन मिले हैं. इनमें 76 हजार 243 आवंटित किए गए और 41 हजार 350 का अनुपालन किया जा चुका है. उन्होंने यह भी बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर 1212 थाना और ओपी में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं. 176 अन्य थाना और ओपी में कैमरा लगाने और डैशबोर्ड बनाने का काम चल रहा है. कैमरों की निगरानी और तकनीकी खराबी दूर करने के लिए पुलिस मुख्यालय में हेल्प डेस्क भी बनाया गया है.
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