Bihar Panchayat Chunav 2026: बिहार में राज्य निर्वाचन आयोग 11 चरणों में मतदान कराने की तैयारी में है. 27 अप्रैल से क्षेत्रवार जनसंख्या का प्रारूप जारी होगा, जिसके आधार पर आरक्षण रोस्टर बदलेगा.
इसके साथ ही पहली बार मल्टी पोस्ट ईवीएम से मतदान कराया जाएगा, जिससे चुनाव प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिलेगा.
मल्टी पोस्ट EVM क्या है?
बिहार पंचायत चुनाव के इतिहास में पहली बार राज्य में ‘मल्टी पोस्ट ईवीएम’ का इस्तेमाल होगा. निर्वाचन आयोग को इसके लिए विशेष ऑर्डर दिया जा चुका है और ये मशीनें सीधे हैदराबाद से बिहार पहुंचेंगी.
इस नई तकनीक की खासियत यह है कि मतदाता एक ही मशीन के जरिए ग्राम पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, पंच और सरपंच इन सभी छह पदों के लिए अपना वोट डाल सकेंगे. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी.
जब खुलेगा आरक्षण रोस्टर का ‘पिटारा’
पंचायत चुनाव की सबसे बड़ी हलचल आरक्षण को लेकर है. राज्य निर्वाचन आयोग 27 अप्रैल को क्षेत्रवार जनसंख्या का प्रारूप प्रकाशित करने जा रहा है. यह 2011 की जनगणना के आधार पर होगा. इसके बाद ही तय होगा कि कौन सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी. इस बार सबसे बड़ा झटका उन नेताओं को लग सकता है जो पिछली बार आरक्षित सीटों पर काबिज थे, क्योंकि रोटेशन नियम के तहत इस बार आरक्षण रोस्टर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है.
नियम साफ है—जो सीट पिछली बार जिस वर्ग के लिए आरक्षित थी, वह इस बार बदल जाएगी.
11 चरणों का महामुकाबला
बिहार देश का वह राज्य है जिसने पंचायत चुनाव में महिलाओं को सबसे पहले 50 प्रतिशत आरक्षण दिया था और इस बार भी यह नियम सख्ती से लागू रहेगा. सभी श्रेणियों में आधी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी, जिससे गांव की सत्ता में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी.
आयोग सितंबर से दिसंबर के बीच 11 चरणों में वोटिंग कराने की योजना बना रहा है. हर जिले को अलग-अलग चरणों में बांटा जाएगा और सबसे खास बात यह है कि हर चरण का परिणाम भी अलग-अलग जारी होगा. इससे चुनाव की गहमागहमी कई महीनों तक बनी रहेगी.
जनसंख्या का अवरोही क्रम और रोटेशन का खेल
सीटों के निर्धारण को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार ‘जनसंख्या के अवरोही क्रम’ का फॉर्मूला अपनाया जाएगा. इसके तहत जिस पंचायत में जिस वर्ग की जनसंख्या अधिक होगी, उसके आधार पर रोटेशन का पहिया घूमेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि आरक्षण रोस्टर को अंतिम रूप देने के बाद सरकार की सहमति से चुनाव की आधिकारिक तारीखों का ऐलान किया जाएगा.
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