Bihar Modern Flower Mandi: पटना समेत सभी जिलों में मिलेगी फूल मंडी की सौगात, सीएम सम्राट चौधरी ने दिया भरोसा

Bihar Modern Flower Mandi: बिहार में फूल उत्पादन और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए बड़ी पहल की तैयारी है. माली समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर पटना समेत सभी जिला मुख्यालयों में आधुनिक फूल मंडी बनाने की मांग रखी. मुख्यमंत्री ने बिहार में जल्द फूल मंडी की व्यवस्था का भरोसा दिया है.

Bihar Modern Flower Mandi: बिहार में आधुनिक फूल मंडी बनाने की मांग को लेकर माली-मालाकार समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिला. इस मुलाकात में पटना समेत बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में फूल मंडी बनाने और फूल कारोबार से जुड़ी सुविधाएं बेहतर करने की मांग रखी गई.

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी प्रभात मालाकार ने किया. प्रतिनिधिमंडल में माली मालाकार कल्याण समिति पटना के अध्यक्ष मनोज कुमार मालाकार, शत्रुध्न भक्त मालाकार, पींटू मालाकार और पींकू मालाकार भी शामिल थे.

हजारों परिवारों की कमाई फूलों से जुड़ी

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि बिहार में फूल उगाने और बेचने का काम हजारों परिवारों की कमाई से जुड़ा है. खास तौर पर माली समाज लंबे समय से फूल उगाने, फूल बेचने और माला बनाने के काम से जुड़ा रहा है.

फूल बिहार के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का भी अहम हिस्सा हैं. इसके बावजूद फूल उगाने वाले किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए बिहार में कोई अच्छी और व्यवस्थित फूल मंडी नहीं है.

मंडी नहीं होने से किसानों को नुकसान

फूल जल्दी खराब होने वाला सामान है. ऐसे में अगर सही बाजार, रखने की जगह और बेहतर परिवहन की सुविधा नहीं मिले तो किसानों और छोटे दुकानदारों को परेशानी होती है.

प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, मंडी की कमी के कारण कई उत्पादकों और छोटे कारोबारियों को बिचौलियों के जरिए फूल बेचने पड़ते हैं. इससे उन्हें अपने फूलों की सही कीमत नहीं मिल पाती. आधुनिक मंडी बनने से किसानों और कारोबारियों को सीधे बेहतर बाजार मिल सकता है.

पटना में बड़ी आधुनिक फूल मंडी की मांग

प्रभात मालाकार ने कहा कि पटना बिहार का बड़ा शहर और प्रमुख व्यापारिक केंद्र है. राज्य के कई जिलों से बड़ी मात्रा में फूल पटना पहुंचते हैं. इसके बाद यहां से फूलों की थोक और खुदरा बिक्री होती है.

इसके बावजूद पटना में ऐसी कोई एक बड़ी और आधुनिक फूल मंडी नहीं है, जहां फूल उगाने वाले किसान, थोक कारोबारी, दुकानदार और बड़े खरीदार एक ही जगह पर जरूरी सुविधाओं के साथ कारोबार कर सकें.

अलग-अलग जगहों पर कारोबार से बढ़ रही परेशानी

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पटना में फूलों का कारोबार अलग-अलग जगहों पर फैला हुआ है. इससे ट्रैफिक, पार्किंग, साफ-सफाई, फूल रखने की जगह और कारोबार से जुड़ी कई परेशानियां होती हैं.

ऐसे में पटना में एक बड़ी और व्यवस्थित फूल मंडी बनाई जा सकती है. इसे बिहार में फूल उत्पादन और कारोबार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग की गई है.

मंडी बनने से बढ़ेंगे रोजगार के मौके

पटना में आधुनिक फूल मंडी बनने से बिहार के अलग-अलग जिलों के फूल किसानों को बड़ा और तय बाजार मिल सकता है. इसके साथ ही थोक और खुदरा कारोबार, कोल्ड स्टोरेज, फूलों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था, पैकिंग और परिवहन जैसे काम भी बढ़ सकते हैं.

इससे फूल कारोबार से जुड़े लोगों के साथ-साथ दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के नए मौके बन सकते हैं.

पटना में इन जगहों पर बन सकती है फूल मंडी

माली समाज और फूल कारोबार से जुड़े लोगों ने पटना में फूल मंडी बनाने के लिए कुछ संभावित जगहों के नाम भी सुझाए हैं. इनमें जक्कनपुर थाना के पीछे, कृषि भवन के पास, हार्डिंग पार्क खेल मैदान के पीछे हनुमान मंदिर के आसपास का क्षेत्र शामिल है.

इसके अलावा पटना जंक्शन के आसपास तय क्षेत्र, चिरैयाटांड़ ओवरब्रिज के नीचे और आसपास, जीपीओ गोलंबर से आर. ब्लॉक ओवरब्रिज के नीचे और आसपास का क्षेत्र, न्यू मार्केट और भुवनेश्वर प्लाजा के पास कबाड़ी बाजार क्षेत्र का नाम भी दिया गया है.

इन जगहों में से प्रशासनिक, तकनीकी, ट्रैफिक और लोगों की सुविधा के हिसाब से जो जगह सही मिले, वहां मंडी बनाने के लिए सर्वे कराया जा सकता है.

फूल मंडी में मिलेंगी ये सुविधाएं

प्रतिनिधिमंडल ने आधुनिक फूल मंडी में कई जरूरी सुविधाएं देने की मांग की है. इनमें फूल किसानों और थोक कारोबारियों के लिए व्यवस्थित दुकान और स्टॉल, कोल्ड स्टोरेज और आधुनिक कोल्ड चेन की सुविधा शामिल है.

इसके अलावा फूलों की खुली और साफ नीलामी व्यवस्था, सही कीमत तय करने की व्यवस्था, थोक और खुदरा कारोबार के लिए अलग-अलग जगह, पर्याप्त पार्किंग और सामान चढ़ाने-उतारने की सुविधा भी मांगी गई है.

फूलों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए बेहतर परिवहन व्यवस्था, किसानों को सीधे बड़े खरीदारों और बाजारों से जोड़ने की सुविधा तथा मोबाइल और दूसरे डिजिटल माध्यमों से फूलों की खरीद-बिक्री और कीमत की जानकारी देने की व्यवस्था की भी मांग की गई है.

मंडी में साफ-सफाई, पीने का पानी, शौचालय और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है.

सभी जिला मुख्यालयों में भी बने फूल मंडी

प्रतिनिधिमंडल ने सिर्फ पटना ही नहीं, बल्कि बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से आधुनिक फूल मंडी बनाने की मांग की है.

हर जिले में मंडी बनने से स्थानीय फूल किसानों और कारोबारियों को अपने ही इलाके में बेहतर बाजार मिल सकेगा. इससे उन्हें फूल दूर ले जाने या बिचौलियों पर ज्यादा निर्भर रहने की जरूरत कम होगी.

इससे स्थानीय स्तर पर फूल उत्पादन और कारोबार को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों और छोटे कारोबारियों की कमाई बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है.

पटना से जुड़ेगा पूरे बिहार का फूल कारोबार

माली समाज ने सुझाव दिया है कि हर जिले में बनने वाली फूल मंडियों को वहां के फूल उत्पादन और जरूरत के हिसाब से तैयार किया जाए. इसके बाद इन मंडियों को पटना की मुख्य फूल मंडी से जोड़ा जा सकता है.

इस तरह बिहार में फूलों की खरीद-बिक्री का एक बड़ा नेटवर्क तैयार हो सकता है. इससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों के किसानों, कारोबारियों और बड़े खरीदारों को एक-दूसरे से जोड़ना आसान होगा.

बिहार में फूल कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पटना में बड़ी आधुनिक फूल मंडी और सभी जिला मुख्यालयों में चरणबद्ध तरीके से मंडियां बनने से फूल किसानों और कारोबारियों को बड़ा फायदा मिल सकता है.

इससे किसानों को बेहतर बाजार और सही कीमत मिलने की उम्मीद है. साथ ही रोजगार बढ़ेगा और बिहार में फूलों की खेती तथा बागवानी से जुड़े काम को भी बढ़ावा मिलेगा.

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मुख्यमंत्री ने जल्द व्यवस्था का दिया भरोसा

प्रभात मालाकार ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया है कि बिहार में जल्द फूल मंडी की व्यवस्था की जाएगी. फूल कारोबार से जुड़ी जरूरी सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में भी काम किया जाएगा.

प्रतिनिधिमंडल ने पटना में फूल मंडी के लिए सुझाए गए स्थानों का संबंधित विभाग से सर्वे कराने और सही जगह तय करने की मांग की है. साथ ही मंडी बनाने की योजना समय पर तैयार करने और बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में चरणबद्ध तरीके से आधुनिक फूल मंडियां विकसित करने की मांग रखी गई है.

अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो पटना को बिहार के फूल कारोबार का बड़ा केंद्र और जिला मुख्यालयों को स्थानीय फूल कारोबार के संगठित केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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