Bihar Ka Mausam: बिहार में मौसम की चाल अब डराने लगी है. कई जिलों में दोपहर की तपिश ने मई-जून की याद दिलानी शुरू कर दी है. कैमूर और औरंगाबाद जैसे इलाकों में पारा 31 डिग्री के पार जा चुका है.
IMD की मानें तो इस बार ठंड की विदाई और गर्मी की एंट्री इतनी तूफानी होगी कि मार्च की शुरुआत होते ही आपको कूलर और एसी की जरूरत महसूस होने लगेगी. हवाओं का रुख बदल रहा है और इसके साथ ही बिहार की फिजा में अब पसीने वाली गर्मी की आहट तेज हो गई है.
दक्षिण बिहार में बढ़ी गर्मी
राज्य के दक्षिण-मध्य हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है. कैमूर में 31.6 डिग्री के साथ सबसे ज्यादा तापमान दर्ज हुआ. इसके अलावा नालंदा के राजगीर में 30.9 डिग्री और शेखपुरा में 30.1डिग्री रिकॉर्ड किया गया.
डेहरी और फारबिसगंज जैसे इलाकों में भी तापमान 30 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जो संकेत देता है कि गर्मी धीरे-धीरे पैर पसार रही है.
रात ठंडी, दिन गर्म
दिलचस्प स्थिति यह है कि दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. कई जिलों में दिन का तापमान बढ़ रहा है, जबकि रात अभी भी ठंडी है.
मधुबनी और पूर्णिया जैसे जिलों में रात का तापमान 14 डिग्री के आसपास बना हुआ है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह उतार-चढ़ाव सर्दी-जुकाम, एलर्जी और वायरल संक्रमण को बढ़ा सकता है.
मार्च से महसूस होगी असली गर्मी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 29 से 32 डिग्री के बीच का तापमान प्री-समर ट्रांजिशन का संकेत है. यानी अभी गर्मी आधिकारिक रूप से शुरू नहीं हुई, लेकिन मार्च के पहले या दूसरे सप्ताह से गर्मी का असर साफ दिखने लगेगा. अगर हवा शुष्क बनी रहती है तो कैमूर, औरंगाबाद और बक्सर जैसे इलाके सबसे पहले तेज गर्मी की चपेट में आ सकते हैं. एक या दो हफ्ता बीतने के बाद कूलर की जरूरत महसूस होने लगेगी. अगर अगले कुछ दिनों में हवा शुष्क रहती है तो यही जिले सबसे पहले तेज गर्मी की चपेट में आ सकते हैं.
उत्तर बिहार के जिलों में तापमान फिलहाल संतुलित है, लेकिन दक्षिण और पश्चिम बिहार तेजी से गर्म हो रहे हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि होली से पहले तापमान धीरे-धीरे और बढ़ सकता है, जबकि रात की ठंड कुछ दिन और बनी रह सकती है.
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में सुबह हल्का गर्म कपड़ा और दिन में हल्के कपड़े पहनना बेहतर रहेगा. मौसम का यह संक्रमण काल शरीर पर असर डाल सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है.
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