भागलपुर से रिपोर्ट
Vikramshila Setu News: विक्रमशिला सेतु की क्षति के बाद नवगछिया आने-जाने वाले हजारों लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी सिर्फ पुल नहीं, बल्कि उसके आसपास लगने वाला लंबा जाम भी बन गया है. जियो पेट्रोल पंप के पास बने अस्थायी बस पड़ाव पर हर समय दर्जनों बसों की भीड़ रहती है. इससे एनएच 131बी पर घंटों तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. अब इस समस्या से राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने नया रास्ता तलाश लिया है. सरकारी जमीन नहीं मिलने के बाद अब निजी जमीन पर अस्थायी बस स्टैंड बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो अगले 15 दिनों के भीतर नई व्यवस्था लागू हो सकती है. जियो पेट्रोल पंप के पास बसों की भीड़ बनी बड़ी समस्या
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद नवगछिया क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पहले से अधिक दबाव में है. इसी बीच जियो पेट्रोल पंप के निकट बनाए गए अस्थायी बस पड़ाव पर एक साथ 25 से 30 बसों का जमावड़ा लगने लगा है. बसों के खड़े रहने और यात्रियों के चढ़ने-उतरने के कारण एनएच 131बी पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है.
इसका सबसे अधिक असर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों, स्थानीय दुकानदारों, स्कूली बच्चों, एंबुलेंस और छोटे व्यवसायियों पर पड़ रहा है. कई बार लोगों को कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है.
Vikramshila Setu News: सरकारी जमीन नहीं मिली, अब निजी जमीन होगी विकल्प
यातायात की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी रोहित कदम ने इस्माइलपुर अंचल अधिकारी को जाह्नवी चौक के आसपास सरकारी जमीन की तलाश करने का निर्देश दिया था.
जांच के दौरान पता चला कि परबत्ता मौजा में एनएच 131बी से सटी कोई उपयुक्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है. इसके बाद प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था अपनाते हुए निजी भू-धारकों से अस्थायी बस पड़ाव के लिए जमीन लेने का फैसला किया है.
जमीन देने के इच्छुक लोगों से एक सप्ताह में मांगा जाएगा प्रस्ताव
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जाह्नवी चौक पुलिस पिकेट के आसपास यदि कोई भू-धारी स्वेच्छा से अपनी जमीन अस्थायी बस पड़ाव के लिए उपलब्ध कराना चाहता है तो उससे एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव मांगा जाएगा.
प्राथमिकता उस जमीन को मिलेगी जो जाह्नवी चौक टीओपी के सबसे नजदीक होगी, ताकि बस संचालन के साथ सुरक्षा और यातायात नियंत्रण भी बेहतर ढंग से किया जा सके.
चार सदस्यीय टीम करेगी जांच, फिर होगा अंतिम फैसला
जमीन से जुड़े सभी प्रस्तावों की जांच के लिए नवगछिया डीसीएलआर की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति बनाई गई है. इस टीम में इस्माइलपुर के अंचल अधिकारी, भागलपुर के मोटरयान निरीक्षक, राजस्व अधिकारी और परबत्ता मौजा के राजस्व कर्मचारी शामिल किए गए हैं.
समिति सभी प्रस्तावों की जांच और उपयुक्त स्थल का चयन करने के बाद अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजेगी. अंतिम निर्णय जिलाधिकारी स्तर पर लिया जाएगा.
15 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य
प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को जनहित से जुड़ा मामला मानते हुए इसे एक पक्ष यानी 15 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है. यदि समय पर जमीन उपलब्ध हो जाती है तो अस्थायी बस पड़ाव को जल्द ही नए स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है.
इससे एनएच 131बी पर लगातार लगने वाले जाम में कमी आने की उम्मीद है. साथ ही यात्रियों को बस पकड़ने में भी अधिक सुविधा मिलेगी और सड़क पर दुर्घटना का खतरा भी कम होगा.
लोगों की उम्मीद, अब मिलेगी जाम से राहत
स्थानीय लोगों का मानना है कि बस पड़ाव की वर्तमान व्यवस्था लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है. सड़क किनारे बसों के खड़े रहने से छोटे वाहन चालकों, बाइक सवारों और पैदल यात्रियों को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
यदि प्रशासन की नई योजना समय पर लागू होती है तो विक्रमशिला सेतु क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि निजी जमीन का चयन कितनी जल्दी होता है और नया अस्थायी बस स्टैंड कब तक शुरू हो पाता है.
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