भागलपुर टीएमबीयू के कुल 2619 पेंशनरों को पेंशन, ग्रेच्युटी व एरियर के लिए विवि का चक्कर लगाना पड़ता है. अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक पेंशनधारियों की समस्या को सुनने को तैयार नहीं है. उक्त बाते टीएमबीयू पेंशनर संघर्ष मंच के संयोजक प्रो पवन कुमार सिंह व सह संयोजक अमरेंद्र झा ने गुरुवार को प्रेसवार्ता के दौरान गांधी शांति प्रतिष्ठान में कही. अमरेंद्र झा कहा कि पेंशनरों के मामलों में कुलपति अब कुलाधिपति के निर्देश और हाइकोर्ट के सीडब्ल्यूजेसी एवं एमजेसी सहित सुप्रीम कोर्ट तक का भी आदेश नहीं मानते. आखिर पेंशनर कहां जाये. आरोप लगाते हुए कहा कि कुलपति तीन साल के कार्यकाल में आज तक आधिकारिक तौर पर किसी भी पेंशनर से नहीं मिले हैं. आखिर पेंशनरों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों? यूनिवर्सिटी में पेंशन-ग्रेच्युटी फंड से किए गए एफडी में अभी भी 370.85 करोड़ की राशि उपलब्ध रहने के बावजूद कुछ खास पेंशनरों को एरियर का पेमेंट और शेष पेंशनरों-फेमिली पेंशनरों के एरियर पेमेंट में अड़चन क्यों किया जा रहा है. कहा कि कुलपति पेंशनरों के मामलों का त्वरित निराकरण करायें. अन्यथा दीक्षांत समारोह के बाद पेंशनर संघर्ष मंच आंदोलन पर जाने को विवश होगा.
संयोजक डॉ पवन कुमार सिंह ने कहा कि एफडी में जमा राशि पेंशनरों का है. लिहाजा कुलपति यथाशीघ्र एरियर पेमेंट सुनिश्चित करायें. ऐसी चर्चा है कि कार्यालय के बाबूओं को तीन दिनों के अंदर फाइल का निपटारा करने का पत्र जारी किया है, तो कुलपति के आवासीय सचिवालय कार्यालय में पेंशनरों का महिनों तक फाइल क्यों अटक जाता है. कुमार आशुतोष राजेश ने राजभवन से सीधे मेरे मामले का तत्काल निष्पादन को लेकर रजिस्ट्रार को मोबाइल पर दिये निर्देश का अनुपालन नहीं होना ये दर्शाता है कि विवि द्वारा राजभवन के निर्देशों के अनुपालन के प्रति कितना गंभीर है. मौके पर मंच के अध्यक्ष प्रो बिहारी लाल आदि मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
