Bhagalpur news गंगा में डूबे अधेड़ का तीसरे दिन मिला शव, मचा कोहराम

अजगैवीनाथ मंदिर घाट पर रविवार को मछली मारने के दौरान गंगा में डूबे अधेड़ का शव तीसरे दिन मंगलवार को मुरली पहाड़ी के समीप से बरामद किया गया.

सुलतानगंज अजगैवीनाथ मंदिर घाट पर रविवार को मछली मारने के दौरान गंगा में डूबे अधेड़ का शव तीसरे दिन मंगलवार को मुरली पहाड़ी के समीप से बरामद किया गया. शव की पहचान नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 22 बरैठा मुसहरी के मुनेश्वर मांझी (50) के रूप में हुई है. रविवार दोपहर करीब एक बजे मुनेश्वर मांझी गंगा में मछली मारने के दौरान डूब गये थे. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तलाश में अभियान शुरू किया, लेकिन दो दिनों तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका. मंगलवार दोपहर स्थानीय लोगों ने मुरली पहाड़ी के समीप गंगा में एक शव अटका देखा और इसकी सूचना सुलतानगंज थाना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को गंगा से बाहर निकाला. शव मिलने की खबर मिलते ही परिजन रोते-बिलखते घाट पर पहुंच गये और शव की पहचान मुनेश्वर मांझी के रूप में की. मौके पर सुलतानगंज थाना के नये थानाध्यक्ष प्रशिक्षु आइपीएस सह एएसपी सयाम रजा और इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे. पुलिस ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेज दिया. शव मिलने की खबर से घाट पर स्थानीय लोगों और परिजनों की भीड़ जुट गयी. परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था. वार्ड 22 के पार्षद प्रतिनिधि विपिन कुमार ने बताया कि मृतक की पत्नी का दो वर्ष पहले निधन हो चुका है, एक बेटी की भी एक वर्ष पहले मौत हो गयी थी. मृतक का एकमात्र पुत्र है, जो मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है. इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की उठी मांग

सुलतानगंज के गंगा घाटों पर बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है. जन संसद संरक्षक अजीत कुमार ने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही काफी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए सुलतानगंज के विभिन्न घाटों पर पहुंचते हैं. उन्होंने कहा कि गंगा की गहराई का सही अंदाजा नहीं होने से कई बार स्नान करने वाले लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं. ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को गंगा घाटों पर बांस से बैरिकेडिंग करानी चाहिए, ताकि लोग सुरक्षित दायरे में ही स्नान कर सकें.अजीत कुमार ने घाटों पर एसडीआरएफ की स्थायी तैनाती की भी मांग की, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके. वार्ड 22 के पार्षद प्रतिनिधि विपिन मंडल ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन से गंगा घाटों पर बांस बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड लगाने और एसडीआरएफ की स्थायी तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

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Published by: Jitendra tomar

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