bhagalpur news. सिंडिकेट सदस्य का आरोप टीएमबीयू में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में घोटाला

अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में घोटाला का आरोप.

— विवि के सिंडिकेट सदस्य डॉ केके मंडल का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरलटीएमबीयू अप्रैल 2025 में 70 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर फिर से सुर्खियों में है. विवि के सिंडिकेट सदस्य डॉ केके मंडल ने अतिथि शिक्षक की नियुक्ति मामले में घोटाले का आरोप लगाया है. उनका सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है. इसमें उन्होंने स्पष्ट शब्दों में विवि के एक वरीयतम शिक्षक पर धांधली करने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षक बहाली के लिए बनी कमेटी में अमुख शिक्षक ही संयोजक थे. सिंडिकेट सदस्य ने करीब एक साल बाद चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि अतिथि शिक्षक नियुक्ति को लेकर दो अलग-अलग कमेटी जांच कर रही है. उन्होंने दावा किया कि जांच में सारा घोटाला सामने आयेगा. इसमें जो भी लोग दोषी पाये जाते है. प्रभारी कुलपति से मांग करेंगे कि ऐसे लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराये. ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके.

दूसरी तरफ विवि प्रशासन ने अतिथि शिक्षक नियुक्ति मामले को लेकर दो कमेटी की जांच जारी है. हालांकि विवि प्रशासन ने एक कमेटी से सात दिन व दूसरी कमेटी से 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी थी. बताया जा रहा है कि दोनों कमेटी का निर्धारित समय अवधि समाप्त हो गया है.

सिंडिकेट सदस्य का दावा व कमेटी की रिपोर्ट पर सबकी नजर

सिंडिकेट सदस्य ने अतिथि शिक्षक नियुक्ति में घोटाला का आरोप लगा रहे हैं. दूसरी तरफ सभी लोगों की निगाहें मामले में जांच कर रही दोनों कमेटी की रिपोर्ट पर होगी. कमेटी मामले में रिपोर्ट में क्या देती है. कमेटी पूरे मामले में लीपापोती तो नहीं करती है. आने वाले दिनों में ऐसे तमाम सवाल रिपोर्ट के माध्यम से सामने आयेगी.

स्क्रूटनी कमेटी का काम केवल आवेदन जांच करना

विवि के एक शिक्षक ने नाम नहीं छापने के शर्त पर कहा कि अतिथि शिक्षक नियुक्ति मामले में स्क्रूटनी कमेटी का काम आवेदनकर्ता के शैक्षणिक आवेदनों का जांच करना था. उनके शैक्षणिक दस्तावेज के आधार पर प्वाइंट देना था. ये प्रक्रिया तीन बार की गयी. ताकि किसी अभ्यर्थियों का कुछ छूट नहीं जाये. इसकी सूची भी विवि के वेबसाइट पर अपलोड किया गया. आरोप लगाने वाले लोगों को शायद पूरी जानकारी नहीं है. अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सलेक्शन कमेटी बनती है. इसमें स्क्रूटनी कमेटी कहीं से नहीं रहती है. उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वालों को नियम-परिनियम की शायद जानकारी नहीं होगी. केवल अपने लाभ लेने के लिए गलत बयानबाजी कर रहे हैं.

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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