bhagalpur news. होल्डिंग टैक्स : टारगेट 50 करोड़ और वसूली 27 करोड़ 40 लाख

लगातार दबाव बनाने के बावजूद एजेंसी अब तक करीब 27 करोड़ 40 लाख रुपये ही वसूल सकी है.

भागलपुर सिटी में होल्डिंग टैक्स वसूली कराने के लिए नगर निगम ने आउटसोर्सिंग एजेंसी को ऑफिस के लिए जगह उपलब्ध करायी है. वसूली की उपलब्धता पर उसे कमीशन भी दे रहा है. अधिक से अधिक वसूली हो सके, इसके लिए तहसीलदार तक को सहयोग में लगाया गया है. मार्च के अंतिम माह में निगम के ऑपरेटरों को भी एजेंसी के काम में सहयोग के लिए दे दिया गया है. यहां तक कि एजेंसी का टारगेट पूरा हो सके, ब्याज में छूट दी गयी है. इसके बावजूद निगम प्रशासन का दिया टारगेट पूरा नहीं कर सका है. आउटसोर्स एजेंसी जितना होल्डिंग टैक्स कलेक्शन कर रही है, उतना निगम प्रशासन स्वयं भी वसूल करने में सक्षम है. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि वसूली के लिए इतना अतिरिक्त खर्च करना कितना उचित है. आउटसोर्सिंग एजेंसी के कारण निगम के अपने तहसीलदार के पास भी पर्याप्त काम नहीं रह गया है. लगातार दबाव बनाने के बावजूद एजेंसी अब तक करीब 27 करोड़ 40 लाख रुपये ही वसूल सकी है. 31 मार्च तक लगभग तीन करोड़ रुपये और आने की उम्मीद है. वहीं, आउटसोर्सिंग एजेंसी से पहले निगम प्रशासन बिना विशेष भागदौड़ के 12 से 15 करोड़ रुपये तक होल्डिंग टैक्स वसूल कर लेता था. जितनी मदद अभी आउटसोर्स एजेंसी को दी जा रही है, उतनी ही कोशिश अगर निगम खुद करे तो लक्ष्य का बड़ा हिस्सा हासिल किया जा सकता है. आउटसोर्स एजेंसी को कुल 50 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य दिया गया था. ऐसे में वित्तीय वर्ष 2025-26 का टारगेट रिवाइज करने की बात सामने आ रही है. आउटसोर्स एजेंसी पर नगर सरकार और निगम मेहरबान, घटाया टारगेट नगर सरकार निगम प्रशासन होल्डिंंग टैक्स वसूलने वाली आउटसोर्स एजेंसी पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान हो गयी है. वसूली के टारगेट को घटा दिया है. पहले जहां 50 करोड़ का टारगेट दिया जाता रहा है वहीं, नये वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 35 करोड़ कर दिया गया है ताकि एजेंसी इसको पूरा कर सुरक्षित रह सके. निगम के तहसीलदार कभी कंबल बांटते हैं, तो कभी करते हैं सर्वे एजेंसी की बहाली से निगम के तहसीलदार के पास वर्तमान समय में कोई स्थायी कार्य नहीं रह गया है. जबकि, ये तहसीलदार एक समय में टैक्स कलेक्शन करते थे. अभी उन्हें कभी सर्वे कार्य में लगाया जाता है, तो कभी उनके माध्यम से कंबल का बंटवाया जाता है. एजेंसी ने कभी पूरा नहीं किया टारगेट टारगेट एवं वसूली : वर्ष 2023-24 : टारगेट : 50 करोड़ रुपये वसूली : 19.29 करोड़ रुपये वर्ष 2024-25 : टारगेट : 50 करोड़ रुपये वसूली : 17.04 करोड़ रुपये वर्ष 2025-26 : टारगेट : 50 करोड़ रुपये वसूली- 27.40 करोड़ रुपये कोट पिछले साल की तुलना में इस बार कलेक्शन ज्यादा हुआ है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के आखिरी दिन 31 मार्च तक टारगेट पूरा कर लेने की उम्मीद है. क्योंकि, अभी तीन करोड़ रुपये तक कलेक्शन आयेगा. जबकि, त्योहार की वजह से कलेक्शन भी नहीं के बराबर हुआ है. अमित श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट मैनेजर, प्राइवेट एजेंसी

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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