जमीन से जुड़े मामले में अब नहीं होगी देरी, दाखिल-खारिज को लेकर बड़ा निर्देश

Bihar Bhumi Update: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल गुरुवार को भागलपुर पहुंचे. उन्होंने जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर भूमि सुधार, दाखिल-खारिज और राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा की और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए.

आशुतोष कुमार/भागलपुर/बिहार: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पटना के प्रधान सचिव सीके अनिल गुरुवार को भागलपुर पहुंचे. उनके भागलपुर पहुंचते ही जिला प्रशासन की ओर से उनका स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. बैठक में जिले में चल रहे भूमि सुधार कार्यों, दाखिल-खारिज के अपडेट और राजस्व वसूली की प्रोग्रेस पर विस्तार से चर्चा हुई. 

प्रधान सचिव ने मांगी प्रोग्रेस रिपोर्ट 

प्रधान सचिव ने विभागीय योजनाओं और कार्यों की प्रोग्रेस रिपोर्ट जानने के लिए अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. बैठक के दौरान अब तक हुई प्रगति, लंबित मामलों की संख्या और उनके कारणों की भी गहन समीक्षा हुई. इसके साथ ही कार्य प्रगति रिपोर्ट (वर्क प्रोग्रेस रिपोर्ट) का विश्लेषण कर यह देखा जा रहा है कि तय लक्ष्यों के अनुरूप काम हो रहा है या नहीं. 

लंबित मामलों पर मिला निर्देश 

सीके अनिल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि से जुड़े लंबित मामलों का जल्दी और पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जाए, ताकि आम जनता को परेशानी न हो. उन्होंने राजस्व वसूली की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया. प्रधान सचिव ने अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने, जवाबदेही और जनहित को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि जिले में राजस्व एवं भूमि सुधार से संबंधित कार्यों में और तेजी लाई जा सके. 

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By Nishant Kumar

Nishant Kumar: निशांत कुमार पिछले तीन सालों से डिजिटल पत्रकारिता कर रहे हैं. दैनिक भास्कर के बाद राजस्थान पत्रिका के डिजिटल टीम का हिस्सा रहें. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल-इंटेरनेशनल और स्पोर्ट्स टीम में काम कर रहे हैं. किस्सागोई हैं और देश-विदेश की कहानियों पर नजर रखते हैं. साहित्य पढ़ने-लिखने में रुचि है.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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