bhagalpur news. असिस्टेंट प्राेफेसर की नियुक्ति में फर्जी दस्तावेजों का खेल, रद्द करने की मांग

सूबे के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति मामले में गंभीर आरोप लगाये जा रहे हैं

सूबे के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति मामले में गंभीर आरोप लगाये जा रहे हैं. समाजशास्त्र सहित विभिन्न विषयों के 20 अभ्यर्थियों ने उच्च शिक्षा विभाग को शिकायत कर नियुक्ति में दस्तावेजों में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है. कहा कि नियुक्ति से संबंधित जमा दस्तावेज फर्जी हैं. ऐसे में उन विषयों में नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को रद्द करने की मांग की है. इस बाबत उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशक ने मामले में संज्ञान लेते हुए आयोग के सचिव को पत्र लिखकर समाजशास्त्र विषय सहित अन्य विषयों के मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसकी रिपोर्ट मांगी है. दरअसल, समाजशास्त्र विषय के अभ्यर्थी सह डॉ अजीत कुमार सोनू ने उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर शिकायत की थी. उन्होंने आवेदन में कहा कि उक्त विषय के अनुभव प्रमाण पत्र व दिव्यांगता प्रमाण पत्र में अनियमितता बरती गयी है. बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से समाजशास्त्र विषय को लेकर जारी मेधा सूची में कई ऐसे अभ्यर्थी है, जिनके दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया गया है. इसकी उच्च स्तर पर सघन जांच करने की मांग की है. किस-किस अभ्यर्थियों ने की शिकायत – पटना के गणित विषय के अभ्यर्थी डॉ महेश्वर प्रसाद यादव ने नियुक्ति रद्द करने व वेतन पर रोक लगाने की मांग की है – पूर्णिया के भूगोल विषय के अभ्यर्थी हृदय कुमार सिंह ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र पर आयोग द्वारा अंक दिये जाने का लगाया आरोप – अभ्यर्थी रवि सिंह ने आयोग द्वारा चयनित फर्जी असिस्टेंट प्रोफेसर की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की – गणित विषय के अभ्यर्थी समीउल्लाह ने अनुभव प्रमाण पत्र की जांच करने की मांग की है – भागलपुर के समाजशास्त्र विषय के अभ्यर्थी डॉ अजीत कुमार सोनू ने इसी विषय का रिजल्ट रद्द करने की मांग की है – अभ्यर्थी सुभाष कुमार ने नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर के अनुभव प्रमाण पत्र की जांच करने की मांग की है – गयाजी के रणधीर कुमार भारती ने पर्यावरण विज्ञान में नियुक्त शिक्षक का एपीआइ अंक व इंटरव्यू अंक सार्वजनिक करने की मांग की – मुजफ्फरपुर के अभ्यर्थी रवि कुमार ने बहाली में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र व आर्थिक रूप से कमजोर प्रमाण पत्र की जांच कराने की मांग की है – अभ्यर्थी डॉ श्वेता कुमारी, डॉ औसद आलम, डॉ अमरेंद्र भूषण, शत्रुघ्न कुमार, राम महतो, डॉ संजीव कुमार, सुजाता कुमारी, कृष्णा कुणाल, लालकृष्ण आर्य, बबीता शर्मा आदि ने अनुभव प्रमाण पत्र व दिव्यांगता प्रमाण पत्र में धांधली का आरोप लगाया है. अभ्यर्थियों ने यहां भी की है शिकायत विभिन्न विषयों के शिक्षक अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति, पीएम, सीएम, उच्च शिक्षा विभाग, लोकभवन, मानवाधिकार आयोग, विजलेंस, शिक्षा मंत्री व सीबीआइ को भी नियुक्ति में धांधली का आरोप लगा शिकायत की है. नये सिरे से बाहली की प्रक्रिया शुरू करने की मांग – अजीत सोनू अभ्यर्थी समाजशास्त्र डॉ अजीत कुमार सोनू ने समाजशास्त्र विषय में नये सिरे से बाहली की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है. साथ ही धांधली में शामिल दोषी लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है. टीएमबीयू में नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर की जांच अटकी टीएमबीयू में कुछ विषय को छोड़कर अधिकतर विषयों में नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों के दस्तावेजों की जांच अटकी है. विवि अंदरखाना की मानें, तो दो दर्जन से अधिक विषयों की जांच होना बाकी है. विवि में इस दिशा में कार्य प्रोसेस में है. कोर्ट में 27 फरवरी से होनी है सुनवाई डॉ अजीत कुमार सोनू ने कहा कि फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र व शोध प्रकाशन मामले में हाईकोर्ट में 27 फरवरी से सुनवाई शुरू होगी. कहा कि शोध प्रकाशन के नाम पर भी फर्जीवाड़ा सामने आया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By ATUL KUMAR

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