Bhagalpur News: ऐतिहासिक विक्रमशिला महाविहार के पास प्रस्तावित नये केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में प्रशासन ने अब सख्ती शुरू कर दी है. मुआवजा राशि के भुगतान को लेकर कहलगांव अंचल के अंतीचक और मलकपुर मौजा के 62 रैयतों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है.
जिला भू-अर्जन कार्यालय ने संबंधित जमीन मालिकों को सात दिनों के भीतर दावा आवेदन और स्वामित्व से जुड़े जरूरी दस्तावेज जमा करने का अंतिम मौका दिया है. तय अवधि में कागजात जमा नहीं करने पर मुआवजा राशि संबंधित रैयतों को देने के बजाय सक्षम प्राधिकार के पास जमा करा दी जायेगी.
25 मई को हो चुकी है पंचाट की घोषणा
प्रशासन के अनुसार, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत 25 मई 2026 को पंचाट की घोषणा की गयी थी. इसके बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ायी गयी.
रैयतों की सुविधा के लिए जिला भू-अर्जन कार्यालय की ओर से 26 मई से लगातार विशेष कैंप भी लगाये गये. इन कैंपों के माध्यम से प्रभावित जमीन मालिकों को दावा आवेदन जमा करने और मुआवजा प्राप्त करने के लिए जरूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गयी.
इसके बावजूद 62 रैयतों ने अब तक मुआवजा प्राप्त करने के लिए अपना दावा प्रस्तुत नहीं किया है.
कई आवेदनों में स्वामित्व के कागज भी अधूरे
मामला केवल दावा आवेदन जमा नहीं करने तक सीमित नहीं है. प्रशासन के मुताबिक, कुछ रैयतों ने दावा आवेदन तो जमा किया है, लेकिन उनके आवेदन के साथ जमीन पर स्वामित्व साबित करने वाले आवश्यक दस्तावेज संलग्न नहीं हैं.
ऐसे में मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने में प्रशासन को परेशानी हो रही है. इसी कारण अब संबंधित रैयतों को अंतिम अवसर दिया गया है, ताकि वे अपने जमीन संबंधी दस्तावेज जमा कर मुआवजे की प्रक्रिया पूरी करा सकें.
9 जुलाई और 6 अगस्त को भी भेजा गया था नोटिस
जिला भू-अर्जन कार्यालय ने बताया कि रैयतों को इससे पहले भी दस्तावेज जमा करने के लिए सूचना दी जा चुकी है.
9 जुलाई को द्वितीय नोटिस और 6 अगस्त को तृतीय नोटिस जारी किया गया था. इन नोटिसों के माध्यम से संबंधित रैयतों को दावा आवेदन और स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था.
इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर अब प्रशासन ने अंतिम नोटिस जारी किया है.
सात दिन में कागज नहीं दिये तो क्या होगा?
नये नोटिस में प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. सूचना प्रकाशित होने की तारीख से सात दिनों के भीतर संबंधित रैयतों को जिला भू-अर्जन कार्यालय में दावा आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे.
यदि तय समय सीमा में दावा आवेदन या स्वत्व संबंधी दस्तावेज जमा नहीं किये जाते हैं, तो प्रशासन यह मान सकता है कि संबंधित रैयत मुआवजा राशि प्राप्त करने के इच्छुक नहीं हैं.
इसके बाद भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के प्रावधानों के अनुसार मुआवजे की पूरी राशि सक्षम प्राधिकार के पास जमा करा दी जायेगी.
Bhagalpur News: केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए हो रही है जमीन की व्यवस्था
विक्रमशिला महाविहार के समीप केंद्रीय विश्वविद्यालय का प्रस्ताव भागलपुर के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है. इसके लिए कहलगांव अंचल के संबंधित मौजों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है.
ऐसे में प्रभावित जमीन मालिकों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है. वहीं रैयतों के लिए भी यह जरूरी है कि वे अपनी जमीन के स्वामित्व और दावे से जुड़े दस्तावेज समय सीमा के भीतर जमा करें, ताकि भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो.
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