भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट
Bhagalpur Weather: बिहार के पूर्वी प्रक्षेत्र सहित भागलपुर जिले में इस बार मानसून ने समय से पहले दस्तक देने के दावों को पूरी तरह धता बता दिया है. मौसम विभाग ने पूर्व में बुलेटिन जारी कर 11 जून को सूबे में मानसून के पहुंचने और उसके दो से तीन दिनों के भीतर भागलपुर में झमाझम बारिश होने का कड़ा पूर्वानुमान संधारित किया था. लेकिन जून का आधा महीना बीत जाने के बाद भी आसमान में काले कजरारे बादलों की मुस्तैदी तो दिखती है, पर पुरवैया हवाओं के सुस्त रहने से बारिश की एक झलक भी नसीब नहीं हुई है. पसीने वाली इस चिपचिपी गर्मी ने कली-मजदूरों से लेकर प्रबुद्ध नागरिकों तक की कमान ढीली कर दी है और फिलहाल राहत के कोई कड़े संकेत नहीं मिल रहे हैं.
सुबह नौ बजे से ही सूर्यदेव के कड़े तेवर; स्कूलों की छुट्टी के बाद बच्चे बेहाल
मौसम की इस कड़क विसंगति का सबसे बुरा असर स्कूली कनिष्ठों पर देखने को मिल रहा है. लंबी गर्मी की छुट्टियों के बाद बीती 15 जून को जैसे ही शिक्षण संस्थान खुले, पारे ने अचानक छलांग लगा दी. बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कमान संभालते हुए नर्सरी से लेकर कक्षा पांच तक के स्कूलों को एहतियातन पूरी तरह बंद करने का कड़ा आदेश जारी कर दिया. इसके उलट कक्षा छह और उससे ऊपर की कड़ियों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए स्कूल पूर्व निर्धारित रोस्टर के अनुसार खुले रखे गए हैं. मंगलवार को सुबह नौ बजे से ही धूप इतनी कड़क हो गई कि सुबह 10:30 बजे छुट्टी होने के बाद जब बच्चे घर की ओर रुख कर रहे थे, तो भीषण तपन और उमस से उनका बुरा हाल संधारित हो रहा था.
सबौर कृषि विश्वविद्यालय का बुलेटिन; 17 से 21 जून तक फिर बारिश की आस
“लगातार फेल हो रहे दावों के बीच बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर और भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक संयुक्त बुलेटिन जारी कर प्रक्षेत्र में अगले कुछ दिनों के भीतर मौसमी कड़ियों में बदलाव की उम्मीद जताई है. मौसम कप्तानों के अनुसार 17 से 21 जून के दौरान दक्षिण बिहार के जिलों में एक-दो स्थानों पर कड़क गर्जना और आंधी के साथ हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है.”
पुरवैया हवाओं की रफ्तार बढ़ने से मिलेगी राहत; पारे में आएगी भारी गिरावट
मौसम वैज्ञानिकों द्वारा संधारित ताजा आंकड़ों के अनुसार यदि आगामी पूर्वानुमान सटीक बैठता है, तो वर्षा के दौरान भागलपुर का अधिकतम तापमान लुढ़क कर 30 से 31 डिग्री सेंटीग्रेड और न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड के आसपास संधारित हो सकता है. इस अवधि में हवा में सापेक्ष आर्द्रता यानी नमी का सूचकांक सुबह के समय 70 से 80 प्रतिशत और दोपहर में घटकर 25 से 30 प्रतिशत रहने की संभावना व्यक्त की गई है. आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर प्रक्षेत्र में 14 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दक्षिण-पूर्वी हवाएं चलने का कड़ा अनुमान है, जिससे वायुमंडलीय दबाव बदलेगा. अब स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और अन्नदाताओं की नजरें पूरी तरह सबौर कृषि विश्वविद्यालय के इस नए बुलेटिन पर टिकी हैं कि क्या इस बार मानसून अपनी दगाबाजी छोड़कर राहत की कमान संभालेगा या उमस का यह दौर अभी और फजीहत देगा.
