पुरानी बीमारी को ठीक करने का सौभाग्य मिला नीतीश को : सुमो

भागलपुर : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को बटेश्वर स्थान गंगा पंप नहर परियोजना का उद्घाटन किया. उसके बाद एनटीपीसी कैंपस में स्थित आम्रपाली क्रीड़ा मैदान में एक जनसभा का आयोजन किया गया. मौके पर पहुंचे बिहार के उपमुख्यमंत्री और बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पुरानी बीमारी […]

भागलपुर : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को बटेश्वर स्थान गंगा पंप नहर परियोजना का उद्घाटन किया. उसके बाद एनटीपीसी कैंपस में स्थित आम्रपाली क्रीड़ा मैदान में एक जनसभा का आयोजन किया गया. मौके पर पहुंचे बिहार के उपमुख्यमंत्री और बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पुरानी बीमारी ठीक करने का सौभाग्य मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मिला है. जिस पुरानी पंप नहर योजना को कोई शुरू नहीं कर पाया, उसका उद्घाटन करने का सौभाग्य श्री कुमार को मिला है. विक्रमशिला विवि के लिए जमीन का प्रावधान जल्द हो जायेगा. भागलपुर से कहलगांव तक डॉल्फिन अभयारण्य का दर्शन करने की व्यवस्था वन एवं पर्यावरण विभाग ने की है. एक 24 शीटर मोटर बोट का जल्द उद्घाटन होगा.

उन्होंने कहा कि पहली बार जब टिकट मिलने के बाद कहलगांव आया था, तो यहां के लोगों का इतना स्नेह मिला कि जीतकर लोकसभा पहुंचे थे. बिजली के लिए कभी भागलपुर में गर्मी के दिनों में दो-चार बार बंदी हो जाया करती थी. इसके लिए कहलगांव में गोली तक चली, लेकिन आज बिहार के हर गांव में बिजली है. कुछ टोले बचे हुए हैं, जल्द वहां भी बिजली पहुंच जायेगी. अब खेत व घर के लिए अलग-अलग फीडर होगा. उन्होंने कहा कि सदानंद सिंह के घर पर गया, तो वहां उनकी मां से आशीर्वाद लेने का अवसर मिला.

इस मौके पर कहलगांव के विधायक सदानंद सिंह ने कहा कि बटेश्वर स्थान गंगा पंप नहर परियोजना मेरी ड्रीम योजना थी. आज खुश हूं कि 40 साल बाद यह पूरी हो गयी. बीच में यह काम रुक गया था. 2010 से काम में तेजी आयी. बार-बार मांग उठाते रहे. आभारी हूं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कि आज इसे मूर्त रूप में सभी देख रहे हैं. एनटीपीसी की स्थापना के लिए दिन-रात एक कर मेहनत की थी, लेकिन लोगों की अपेक्षित आशाएं पूरी नहीं हो पायी. ऐश डाइक काफी उड़ती है. लोग बीमार पड़ रहे हैं. पौध रोपण नहीं हो रहा है. स्ट्रीट लाइट नहीं जल रही. उन्होंने मुख्यमंत्री से एनएच 80 के शेष काम को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया. विक्रमशिला विवि के साथ-साथ इसके भग्नावषेश पर पुरातात्विक कार्य शुरू करने की भी मांग की.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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