विशेष गहन पुनरीक्षण में लगने वाले दस्तावेज जुटाने में जुटे मतदाता

आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य आरंभ कराया है.

बेतिया. आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य आरंभ कराया है. करीब 22 वर्षों के बाद शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत मतदाताओं से दस्तावेज की मांग की गई है. अब इसी पुनरीक्षण सूची के आधार पर प्रकाशित मतदाता सूची में दर्ज नाम वाले हीं विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. इसके लिए प.चंपारण जिले के 27 लाख 21 हजार 682 मतदाताओं को गणना प्रपत्र भरना अनिवार्य होगा. जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी लालबहादुर राय की माने तो मतदाता अगर चाहे तो आयोग की वेबसाइट से भी फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं. साथ ही स्वयं भी फार्म समिट कर सकते हैं. यह कार्य विगत 25 जून से आंरभ हो गया है. 25 जुलाई के पूर्व इस कार्य को पूर्ण करा लेना है. आयोग के निर्धारित कैलेंडर के मुताबिक एक अगस्त को गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची के प्रारुप का प्रकाशन कर दिया जायेगा. उसके बाद दावे आपतियां मांगी जायेगी, जबकि 30 सितंबर तक मतदाता सूची का अंतिम फाइनल सूची का प्रकाशन कर दिया जायेगा और इसी सूची के आधार पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग विधानसभा चुनाव में कर सकेंगे. गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता स्तरीय पदाधिकारी डोर टू डोर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करेंगे. इसके लिए वें एक प्रपत्र देंगे जिसे भरकर मतदाताओं को बीएलओ को सौंपना होगा, लेकिन प्रपत्र के साथ कुछ साक्ष्य भी देने होंगे. जिससे प्रमाणित होगा कि वें वास्तविक मतदाता है. इस कार्य के लिए मतदाताओं की तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है. ——– मतदाताओं को देने होंगे यह साक्ष्य * 1 जुलाई 1987 से पूर्व के जन्में मतदाताओं को जन्मतिथि या स्थान को प्रमाणित करनेवाला कोई दस्तावेज देना होगा * 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्में मतदाता अपने माता पिता की जन्म तिथि या स्थान का प्रमाण देंगे * 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्में मतदाता माता पिता दोनों का जन्म प्रमाण या जन्म स्थान का प्रमाण देंगे ———- ये प्रमाणपत्र भी मान्य होंगे सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक प्रमाण पत्र, अन्य शैक्षणिक प्रमाणपत्र स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, ओबीसी, एससी-एसटी या अन्य का जाति प्रमाण पत्र भी मान्य होंगे. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, राज्य या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर और सरकार द्वारा जारी भूमि या आवास आवंटन प्रमाण पत्र भी वैध माने जाएंगे

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Author: SATISH KUMAR

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