Bihar News: वर्चस्व की जंग में खत्म हुई बाघिन की जिंदगी, वन विभाग ने शुरू की जांच

Bihar News: नेपाल सीमा से सटे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र के गोपी बस्ती गांव के पास एक बाघिन का शव मिलने से इलाके के लोग दहशत में हैं. सिर और गले पर गहरे घाव से पता चला है कि वर्चस्व की लड़ाई में दूसरे बाघ के हमले से उसकी मौत हुई.

Bihar News: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे नेपाल के गोपी बस्ती गांव के समीप रविवार को एक बाघिन का शव मिलने से आस-पास के क्षेत्रों के लोग डर गए. गोपी वस्ती गांव के लोगों ने इसकी सूचना नेपाली वन क्षेत्र के अधिकारियों को दी. सूचना मिलते ही नेपाल के वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच जांच में जुट गए. बाघिन के सर पर लगे चोट और स्थिती देखकर बताया जा रहा है कि वर्चस्व को लेकर दो बाघ-बाघिन की भिड़ंत हुई जिसमें एक बाघिन की मौत हो गई.

बाघिन की शव

दूसरे बाघ से संघर्ष में मौत होने की आशंका

डीएफओ विकास अलावत ने बताया कि भारतीय वन क्षेत्र से सटे नेपाल मे मृत बाघिन की सूचना मिली है. घटना स्थल पर वन विभाग की टीम को भेजी जा रही है. बाघिन की शव की पहचान की जा रही है. बहरहाल बाघिन के सर और गला पर लगा गंभीर चोट और जगह-जगह नाखून और दांत के गहरे जख्म थे. इससे माना जा रहा है कि वर्चस्व की लड़ाई में एक अन्य बाघ ने हमला कर उसकी जान ले ली.

संभावना है कि दूसरा बाघ भी घायल हुआ हो. उसकी तलाश के लिए नेपाली वन क्षेत्र के विशेष निगरानी दल को क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है. बाघिन की शव को पोस्टमार्टम हेतु विरगंज नेपाल भेज दिया गया है‌. इधर घटना को लेकर मंगुराहा वन क्षेत्र से सटे धुमाटांड़ जसौली, पचरौता, हरदिया, जिंगना, सिसवा, मानपुर आदि गांव के लोगों में भी दहशत का माहौल है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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