शिवनाथ हत्याकांड में 23 वर्षों बाद आज आ सकता है कोर्ट का फैसला

चर्चित शिवनाथ यादव हत्याकांड में 23 वर्षों के बाद मंगलवार को कोर्ट का फैसला आ सकता है.

बगहा. चर्चित शिवनाथ यादव हत्याकांड में 23 वर्षों के बाद मंगलवार को कोर्ट का फैसला आ सकता है. जिला जज चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की कोर्ट ने इस मामले में सोमवार को ट्रायल पूरा कर मंगलवार की तिथि मुकर्रर की है. ट्रायल के दौरान अभियोजन पदाधिकारी मनु राव ने कोर्ट को इस कांड के आरोपितों- संजय यादव, ठाकुर यादव, नरेश यादव, उमेश यादव, प्रवेश यादव एवं सिंहासन यादव के विरुद्ध अभियोजन की ओर से पुख्ता साक्ष्य दिया. जबकि बचाव पक्ष ने निर्दोष होने का साक्ष्य कोर्ट को उपलब्ध कराते हुए केस से बरी करने की अपील की है. पुलिस ने लंबे जांच के बाद कोर्ट को सौंपी चार्जशीट नरेश यादव, प्रवेश यादव, सिंहासन यादव, ठाकुर यादव, संजय यादव, उमेश यादव और ललन यादव के विरुद्ध मामले को सत्य पाते हुए आरोप पत्र समर्पित किया गया. ट्रायल के क्रम में एक अभियुक्त ललन यादव का वाद दिनांक 07 जुलाई 2017 को अलग कर दिया गया. एक अन्य अभियुक्त जितेंद्र यादव का वाद आरोप गठन के पश्चात दिनांक 26 अप्रैल 2023 को प्रथम दृष्टया किशोर पाते हुए किशोर न्याय परिषद भेजा गया.अभियोजन ने इनका दर्ज कराया बयानकामेश्वर यादव, विपिन कुमार यादव, हरिहर यादव, मनु यादव, संतोष यादव, प्रमोद यादव, अनिल यादव, बुन्नीलाल यादव, राज कुमार सिंह एवं रामाकांत प्रसाद यादव का बयान अभियोजन की ओर से दाखिल किया गया है.सड़क बनाने के दौरान हुआ था जानलेवा हमला03 मार्च 2002 को सूचक प्रमोद यादव के लिखित तहरीर के आधार पर बगहा थाना कांड संख्या-38/2002 भादंसं की धारा 341, 323, 324, 325, 307, 302/34 के तहत करीब 9 बजे सुबह जब हमारे मुहल्ले में खड़ंजा सड़क को पक्का सड़क बनाने का कार्य चल रहा था. उसमें हमारे तथा सड़क के दूसरी तरफ के बबन यादव के राय से सड़क के आर-पार एक नाली बनवाई जा रही थी. इतने में सिंहासन यादव, भीग रासन यादव, जितेंद्र यादव, संजय यादव लाठी-डंडा तथा चाकू लेकर आ गए तथा हम लोगों को नाली बनाने से रोक दिए. पूछने पर कि यहां तुम्हारी जमीन भी नहीं है तो तुम्हें क्या मतलब है, इस पर बोले कि बस, नाली नहीं बनने देंगे.तब तक वहां ललन यादव आ गए तथा सभी मिलकर गाली-गलौज करने लगे. सिंहासन यादव छुरा से मेरे चाचा शिवनाथ यादव को सिर पर दो जगह मार दिए जिससे वे वहीं गिर गए. हल्ला सुनकर अभियुक्तों की ओर से ठाकुर यादव, नरेश यादव, उमेश यादव, प्रवेश यादव भी लाठी-डंडा, चाकू लेकर पहुंचे तथा हमला बोल दिए और मारपीट कर सभी को बुरी तरह जख्मी कर दिए. मारपीट में कामेश्वर यादव का ललन यादव ने लाठी से सिर और पैर पर मारा जिससे वह फट गया. हरिहर यादव को सिंहासन यादव ने लोहे की बंडा लाठी से बाएं हाथ पर मारा जिससे हाथ टूट गया. लक्ष्मी यादव को नरेश यादव ने फरसा से सिर पर मारा जिससे वह कट गया. उमेश यादव और प्रवेश यादव ने लाठी से मारपीट की. मेरे भतीजे विपिन यादव को संजय यादव एवं जितेंद्र यादव ने जमीन पर पटक कर गला दबा रहे थे. जिससे उसके दाहिने कंधे की हड्डी टूट गई. उसे ठाकुर यादव एवं भीग राशन यादव ने लाठी-डंडा से मारपीट कर जख्मी कर दिया. जिससे सिर, दोनों हाथ और पैर पर गंभीर चोट लगी.

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Author: SATISH KUMAR

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