Bettiah : उदयपुर में उमड़ रही सैलानियों की भीड़, महज तीन दिनों में 12 हजार से अधिक सैलानी पहुंचे

शहर से सटे उदयपुर पक्षी अभ्यारण्य में पर्यटन गतिविधियों की शुरुआत होते ही सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ रही है.

– अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना सरैयामन रामसर झील, एक लाख से अधिक की हुई आय बेतिया . शहर से सटे उदयपुर पक्षी अभ्यारण्य में पर्यटन गतिविधियों की शुरुआत होते ही सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ रही है. अभ्यारण्य के भीतर स्थित प्रसिद्ध सरैयामन रामसर झील इन दिनों पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन चुकी है. हाल ही में यहां बोटिंग सुविधा शुरू की गई है, जिसके बाद सिर्फ तीन दिनों में एक लाख रुपये से अधिक की आमदनी दर्ज की गई है. यह आंकड़ा बताता है कि यह क्षेत्र तेजी से प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है. वन प्रमंडल पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि सरैयामन रामसर झील को पर्यटकों के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है. उन्होंने कहा कि ईको-टूरिज्म के तहत कई सुविधाओं का विकास किया गया है और पर्यटक टिकट लेकर यहां उपलब्ध सभी आकर्षणों का आनंद उठा सकते हैं. बता दें कि बेतिया शहर के महज आठ किलोमीटर दूरी पर स्थित उदयपुर में पर्यटन सत्र की शुरूआत की गई है. यहां विभिन्न तरह के सुविधाओं की शुरूआत होने से इलाके की रौनक बढ़ गई है. बड़ी संख्या में शैलानी यहां पहुंच रहे हैं. ———— बोटिंग, पैडल बोट और ई-रिक्शा की सुविधा झील में बोटिंग के लिए प्रति व्यक्ति 200 रुपये, पैडल बोटिंग के लिए 100 रुपये, और बच्चों के लिए 50 रुपये शुल्क तय है. झील के चारों ओर बने पर्यटन मार्ग पर घूमने के लिए वयस्कों से 10 रुपये एवं बच्चों से 5 रुपये लिया जा रहा है. पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए ई-रिक्शा सेवा भी उपलब्ध कराई गई है, जिसका किराया 20 रुपये प्रति व्यक्ति है. —————— वन्यजीवों और प्रवासी पक्षियों का उत्कृष्ट ठिकाना पर्यटक ई-रिक्शा के माध्यम से झील के आसपास मौजूद वन क्षेत्र का भ्रमण करते हुए हिरण, शाही, जंगली सुअर, नीलगाय समेत कई छोटे-बड़े वन्यजीवों को नजदीक से देख सकते हैं. शिकारा शैली की नावों में 20 मिनट की सवारी सैलानियों को झील की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण का अनूठा अनुभव कराती है. यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के आगमन के लिए भी प्रसिद्ध है. रामसर साइट घोषित होने के बाद इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई है. ————— फ्लोरा-फॉना से भरपूर प्राकृतिक धरोहर झील के चारों ओर फैला हराभरा वन क्षेत्र अपनी जैव विविधता के कारण प्रकृति प्रेमियों और बर्ड वॉचर्स के लिए आदर्श स्थल माना जाता है. बेतिया शहर से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह झील अब आसपास के जिलों के पर्यटकों को भी आकर्षित कर रही है.

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Author: DIGVIJAY SINGH

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