फर्जीवाड़ा पाए जाने पर सेविका का चयन रद्द
केंद्र संख्या 141, वार्ड संख्या चार तमकुहवा में चयनित सेविका अमीता देवी का चयन आयुक्त न्यायालय तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर द्वारा फर्जीवाड़ा पाए जाने के बाद रद्द कर दिया गया है.
मधुबनी. प्रखंड अंतर्गत मधुबनी पिपरासी बाल विकास परियोजना के केंद्र संख्या 141, वार्ड संख्या चार तमकुहवा में चयनित सेविका अमीता देवी का चयन आयुक्त न्यायालय तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर द्वारा फर्जीवाड़ा पाए जाने के बाद रद्द कर दिया गया है. साथ ही अपीलकर्ता पूजा वर्मा को उक्त केंद्र पर आंगनबाड़ी सेविका के पद पर चयनित करने का स्पष्ट आदेश जारी किया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार,चयनित सेविका अमीता देवी द्वारा अपने आवेदन के साथ जो जाति प्रमाण पत्र संलग्न किया गया था, वह नियमों के विरुद्ध पाया गया.नियमानुसार, किसी भी अभ्यर्थी की जाति का निर्धारण उसके पिता की जाति एवं पिता के स्थायी पते के आधार पर किया जाना अनिवार्य है. जांच में यह सामने आया कि अमीता देवी ने अपने पति काशी कुशवाहा की जाति और पते के आधार पर मधुबनी अंचल कार्यालय से निर्गत जाति प्रमाण पत्र संलग्न किया था,जो पूरी तरह से गलत और नियम विरुद्ध है.इसके अतिरिक्त, जांच के दौरान यह भी पाया गया कि अमीता देवी द्वारा दो-दो ऑनलाइन आवेदन किए गए थे.आवेदन प्रक्रिया में अन्य कई प्रकार की अनियमितताएं और गड़बड़ियां भी सामने आईं. इन्हीं सभी तथ्यों के आलोक में आयुक्त न्यायालय ने उनके चयन को निरस्त करते हुए अपीलकर्ता पूजा वर्मा के पक्ष में निर्णय सुनाया. बोले सीडीपीओ इस मामले में पिपरासी बाल विकास परियोजना के सीडीपीओ दिलीप कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में वे दिल्ली में हैं.आयुक्त न्यायालय तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर से आदेश प्राप्त हुआ है.वे वापस लौटने के बाद उक्त आदेश का पूर्ण रूप से अनुपालन करते हुए आगे की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
