Bettaih : अतिक्रमण से जकड़े शहर में इज्जत घर को जगह तलाशना कठिन

पूरे शहर में अतिक्रमण की जकड़न का आलम यह है कि सड़क से लेकर नाली तक बाजार फैला हुआ है.

–महिला प्रतिनिधियों के सामने खड़ी हो गईं अड़चनों की दीवारें

नरकटियागंज . पूरे शहर में अतिक्रमण की जकड़न का आलम यह है कि सड़क से लेकर नाली तक बाजार फैला हुआ है. भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सब्जी बाजार तक सड़कों पर सज जाता है. ऐसे में महिलाओं की सुविधा और सम्मान के लिए प्रस्तावित *इज्जत घर* का निर्माण प्रशासनिक रुकावटों में उलझकर अनिश्चितता में फंस गया है.

नगर परिषद द्वारा वार्ड संख्या 13 में अस्थायी शौचालय स्थापित करने की पहल की गई, लेकिन अंचल प्रशासन द्वारा स्वीकृति न होने के कारण निर्माण रोक दिया गया. विवाद की जड़ शहीद बैद्यनाथ धर्मशाला परिसर की वह खाली जमीन है, जिस पर नगर परिषद ने अस्थायी शौचालय रखवाया, परंतु अंचल प्रशासन ने इसे गैरकानूनी बताते हुए दूसरे दिन ही रोक लगा दी. नगर परिषद में इस समय महिलाओं का दबदबा है-सभापति रीना देवी, उपसभापति पूनम देवी, सशक्त स्थायी समिति की सदस्य अंचला देवी, निरुपमा वर्मा, रिंकू देवी और वार्ड 13 की पार्षद ललिता देवी. इन सभी ने बाजार क्षेत्र में महिलाओं के लिए शौचालय निर्माण को प्राथमिकता दी है. उनका कहना है कि बाजार में महिलाओं के लिए प्रसाधन की अत्यंत कमी है, जिसके कारण उन्हें असुरक्षित और असुविधाजनक स्थानों पर जाना पड़ता है. इज्जत घर बनाना महिलाओं की गरिमा से जुड़ा मुद्दा है. दूसरी तरफ अंचल प्रशासन का तर्क है कि धर्मशाला की जमीन खाता संख्या 8 बेतिया राज की है और बिना एनओसी किसी भी तरह का निर्माण या कब्जा पूर्णतः गैरकानूनी है. अंचलाधिकारी सुधांशु शेखर ने बताया कि इस संबंध में डीएम व बेतिया राज प्रबंधन को पत्र भेज दिया गया है तथा निर्देश मिलने तक कार्य बंद रहेगा. महिला प्रतिनिधियों के जनहित के दावे और प्रशासनिक नियमों के बीच जारी यह तनातनी बाजार क्षेत्र में आवश्यक महिला शौचालय निर्माण को संकट में डालती दिख रही है.

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By DIGVIJAY SINGH

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