Reena Devi Murder Case: धनहा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित रीना देवी नृशंस हत्याकांड में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ की अदालत में सुनवाई पूरी हो गयी है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 11 अगस्त की तिथि निर्धारित की है. करीब छह वर्ष पुराने इस मामले के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं.
शव के किए गए थे कई टुकड़े
अभियोजन के अनुसार रीना देवी की हत्या के बाद उसके शव के कई टुकड़े कर दिए गए थे. इसके बाद शव के हिस्सों को बोरे में पैक कर फेंक दिया गया था. शव की पहचान पुलिस और परिजनों के लिए बड़ी चुनौती बनी थी. मृतका की मां ने गले में मिली पीतल की चाबी के आधार पर शव की पहचान रीना देवी के रूप में की थी. घटना की वीभत्सता के कारण यह मामला इलाके में काफी चर्चित रहा.
बचाव पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी नहीं होने का दिया तर्क
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अभियोजन के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हत्या करते हुए किसी ने आरोपित को नहीं देखा. मामले में कोई स्वतंत्र प्रत्यक्षदर्शी साक्षी भी नहीं है. दहेज हत्या के आरोप को भी निराधार बताते हुए बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि शादी के करीब आठ-दस वर्ष बाद दहेज की मांग किए जाने की बात स्वाभाविक नहीं लगती. बचाव पक्ष ने कहा कि केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि नहीं की जा सकती.
वहीं अभियोजन पक्ष ने शव की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों व परिस्थितियों का हवाला देते हुए आरोपितों को दोषी ठहराने की मांग की. दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 11 अगस्त की तारीख तय की है.
