चुनाव में हुई धांधली के साक्ष्य से मुकरने पर पीठासीन पदाधिकारी सस्पेंड

2016 में हुए पंचायत चुनाव में हुई धांधली के मामले में साक्ष्यों से मुकरना तत्कालीन पीठासीन पदाधिकारी सह शिक्षक सुनील साह को महंगा पड़ गया.

बेतिया. 2016 में हुए पंचायत चुनाव में हुई धांधली के मामले में साक्ष्यों से मुकरना तत्कालीन पीठासीन पदाधिकारी सह शिक्षक सुनील साह को महंगा पड़ गया. मामले में डीएम धर्मेन्द्र कुमार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ करने का आदेश दिया है. जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में हुए पंचायत चुनाव में नरकटियागंज प्रखंड के गोखुला पंचायत अंतर्गत मतदान केंद्र संख्या-347 पर शिक्षक सुनील साह को पीठासीन पदाधिकारी नियुक्त किया गया था. मतदान के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर मतदान प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न की. जबरन मतदान कक्ष में प्रवेश कर मतदान पेटी में नारंगी रंग डाल दिया. इतना ही नहीं, पेटी को चापाकल के नीचे ले जाकर उसमें पानी भी भर दिया गया. इस गंभीर घटना पर तत्कालीन पीठासीन पदाधिकारी सुनील साह ने शिकारपुर थाना में ब्रजेश प्रसाद एवं अन्य आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसी मामले में कोर्ट में सुनवाई के दौरान सूचक के रूप में उपस्थित सुनील साह ने अदालत में अभियुक्तों की पहचान करने से इंकार कर दिया. इससे सरकार का पक्ष कमजोर हुआ और अभियुक्तों को कानूनी लाभ पहुंचा. मामले में सहायक अभियोजन पदाधिकारी की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने यह कार्रवाई की है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनाव जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में कर्तव्यपालन से जुड़ी लापरवाही व असहयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसी आधार पर शिक्षक सुनील साह को निलंबित करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SATISH KUMAR

SATISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >