दस्यु सरगना राधा के विरुद्ध गवाही के लिए दो पुलिस अधिकारी पर गैर जमानतीय वारंट जारी

पुलिस की लापरवाही के कारण एक तरफ जहां कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है.

बगहा. पुलिस की लापरवाही के कारण एक तरफ जहां कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है. वहीं पीड़ितों को न्याय मिलने में समय लग रहा है. इसी प्रकार के एक अपहरण के मामले में दो पुलिस अधिकारी पर कोर्ट ने गैर जमानतीय वारंट जारी किया है तथा एसपी को निर्देश दिया है दोनों को नियत तिथि पर गिरफ्तार कर साक्ष्य के लिए कोर्ट में प्रस्तुत करें. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की कोर्ट ने चौतरवा थाना कांड संख्या 74/2002 में सुनवाई करते हुए पाया कि अपहरण का एक मामला वर्ष 2014 से ही लंबित चला आ रहा है. इसमें कुल 9 साक्षी हैं. जिसमें से 7 की गवाही हो चुकी है और दो की गवाही बाकी है. जिनका गवाही बाकी है और वे अनुसंधानकर्ता हैं. पिछले 11 वर्ष अर्थात 2015 से अभियोजन की तरफ से कोई भी सरकारी साक्षी अनुसंधानकर्ता को साक्ष्य के लिए प्रस्तुत नहीं किया गया है. इधर उच्च न्यायालय की तरफ से पुराने वाद में निर्देश है कि स्पीडी ट्रायल चलाकर निष्पादन करना है. वैसे में फिरौती के लिए अपहरण के मामले में 11 वर्ष से गवाही नहीं देना लापरवाही को दर्शाता है. ऐसे में कोर्ट ने मामले में सख्ती दिखाते हुए पुलिस अधीक्षक बगहा को निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर से न्यायालय द्वारा निर्गत गैर जमानतीय वारंट की तामील सुनिश्चित करते हुए अनुसंधानकर्ता अवर निरीक्षक बीके झा तथा अवर निरीक्षक आरके सिंह को गिरफ्तार कर साक्ष्य देने के लिए 2 सितंबर को न्यायालय में प्रस्तुत करें. साथ ही स्पष्ट किया है कि यदि तय तिथि को न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो अभियोजन साक्ष्य का अवसर समाप्त कर दिया जाएगा. इसकी संपूर्ण जवाबदेही जिला अभियोजन की होगी और संपूर्ण मामले से गृह सचिव पटना एवं पुलिस महानिदेशक पटना को विधि सम्मत कार्रवाई हेतु अवगत कराया जाएगा.

अभियुक्त दस्यु सरगना राधा यादव रहा है आतंक का पर्याय

फिरौती के लिए अपहरण मामले का मुख्य अभियुक्त दस्यु सरगना राधा यादव 80 और 90 के दशक में आतंक का पर्याय रह चुका है. यह एक अभ्यासक अपराधी है. जिस पर दो दर्जन से अधिक हत्या, लूट जैसे मामले दर्ज है. राधा यादव पर गोवर्धन थाने में 19 मामला तथा चौतरवा थाना में 1 मामला दर्ज है. अपहरण का यह मामला चौतरवा थाना क्षेत्र के जनार्दन शुक्ला ने अपने पुत्र सुधीर कुमार शुक्ला के अपहरण के संबंध में दर्ज कराया था. जिसमें उन्होंने 10-12 अभियुक्तों के विरुद्ध 3 अगस्त 2002 को मामला दर्ज कराया था.

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By SATISH KUMAR

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