धराली में बादल फटने से लापता पुरुषोत्तमपुर के एक ही परिवार के पिता व दो पुत्रों समेत तीनों का नहीं चला सुराग

उत्तराखंड के धराली में हुई बादल फटने की घटना ने पश्चिम चंपारण के पुरुषोत्तमपुर गांव को गहरे मातम में डुबो दिया है.

मैनाटांड़. उत्तराखंड के धराली में हुई बादल फटने की घटना ने पश्चिम चंपारण के पुरुषोत्तमपुर गांव को गहरे मातम में डुबो दिया है. गांव के ही देवराज शर्मा और उनके दो पुत्र अनिल कुमार व सुशील शर्मा पांच दिन से लापता थे. उम्मीद की डोर पांचवें दिन टूट गई, जब कोई सुराग नहीं मिला. अंतत: परिवार के लोगों ने लापता प्रियजनों के पुतले बनाकर उनका अंतिम संस्कार किया. रक्षाबंधन का त्योहार, जो सामान्यतः भाई-बहन के प्यार और खुशियों का प्रतीक होता है, इस बार पुरुषोत्तमपुर के लिए बेहद सूना और दर्दनाक रहा. पूरे गांव में कहीं हंसी-खुशी नहीं, बस सिसकियों और आंसुओं की आवाज़ें गूंज रही थीं. मृतक देवराज शर्मा की पत्नी, लक्ष्मीना देवी, बार-बार बेहोश हो रही थीं, जिनकी देखभाल के लिए डॉक्टर लगातार उनके घर पर मौजूद रहे. परिवार के सदस्य सुनील शर्मा, जब अपने पिता और दोनों भाइयों की खोज में धराली पहुंचे, तो उन्हें हादसे की पूरी दास्तान पता चली. उन्होंने बताया कि पुराने घर, जो चनपटिया थाना क्षेत्र के मैगलोहिया में है, से वे सभी लोग उत्तराखंड के धराली मजदूरी के लिए गए थे. हादसे के दिन 11 लोग एक ही मकान में रहते थे. दो लोग किसी काम से बाहर गए हुए थे, जबकि नौ लोग घर के अंदर थे. जैसे ही बादल फटने की घटना हुई, तेज पानी और मलबा पूरे इलाके को बहा ले गया, जो दो लोग बाहर थे, उन्होंने अपनी आंखों से देखा कि कैसे देखते-देखते मकान पानी में समा गया. एक साथ एक ही परिवार के तीन लोगों की असमय विदाई से पूरा पुरुषोत्तमपुर गांव सदमे में है. बुजुर्ग से लेकर बच्चे तक सभी की आंखें नम हैं. चूल्हे ठंडे हैं, गलियां वीरान हैं और घरों में सिर्फ रोने की आवाजें आ रही हैं.

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By SATISH KUMAR

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