जिले के आधा दर्जन सेविकाओं पर गिरी गाज, मानदेय कटौती का आदेश
जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों में अनियमितता पाए जाने पर छह सेविकाओं पर कार्रवाई की गई है.
बेतिया. जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों में अनियमितता पाए जाने पर छह सेविकाओं पर कार्रवाई की गई है. गंडक पार के ठकराहां प्रखंड के हरपुर पंचायत स्थित केन्द्र संख्या 61 की सेविका विद्यावती देवी और सहायिका दिया देवी पर कार्रवाई की गई. जांच में पाया गया कि केन्द्र एक झोपड़ी में चल रहा था. संचालन किसी अन्य महिला द्वारा किया जा रहा था. सेविका और सहायिका बिना सूचना के अनुपस्थित थीं. मकान मालिक ने किराया नहीं मिलने की बात कही. जांच के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि टीएचआर वितरण कभी-कभार होता है. सेविका से एक माह का पोषाहार और 1000 रुपये की वसूली की जाएगी. साथ ही 2024-25 का किराया भी मानदेय से काटा जाएगा. पहले भी इन पर कार्रवाई हो चुकी है, फिर भी सुधार नहीं हुआ. अब एक सप्ताह का मानदेय भी काटा जाएगा. भविष्य में गलती दोहराने पर चयनमुक्ति की चेतावनी दी गई है. नौतन प्रखंड के बैकुन्ठवा पंचायत स्थित केन्द्र संख्या 60 की सेविका किरण कुमारी पर सितम्बर और अक्टूबर 2024 के पोषाहार राशि के गबन का आरोप है. निरीक्षण में पाया गया कि वितरण पंजी में सिर्फ खानापूर्ति की गई थी. सेविका से दो माह का पोषाहार और 1000 रुपये की वसूली की जाएगी. कड़ी चेतावनी दी गई है. हरपुर पंचायत के पुरैना केन्द्र संख्या 01 की सेविका सरोज देवी और सहायिका सुमित्रा देवी पर भी कार्रवाई हुई है. केन्द्र बंद पाया गया. दोनों बिना सूचना के अनुपस्थित थीं। मार्च और अप्रैल में केवल एक-एक बार टीएचआर वितरण हुआ. सेविका से एक माह का पोषाहार और 1000 रुपये की वसूली होगी. पहले भी इन पर कार्रवाई हो चुकी है. श्रीनगर पंचायत के केन्द्र संख्या 06 की सेविका कुमारी देवी पर भी लापरवाही का आरोप है. 6 मई को निरीक्षण में केन्द्र खुला मिला, पर बच्चों के बैठने की व्यवस्था नहीं थी. गंदगी थी. कोई पंजी और सामग्री नहीं मिली. बच्चों ने बताया कि नाश्ता और पोषाहार नहीं मिलता. एफआरएस भी नहीं किया गया. सेविका से एक माह का पोषाहार वसूला जाएगा। महिला पर्यवेक्षिका को लाभार्थियों का सत्यापन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है. हरपुर पंचायत के केन्द्र संख्या 62 की सेविका सुमन कुमारी और सहायिका संजू देवी पर भी कार्रवाई हुई है. केन्द्र झोपड़ी में चल रहा था. दोनों बिना सूचना के अनुपस्थित थीं। ग्रामीणों ने बताया कि केन्द्र संचालन ठीक से नहीं होता और टीएचआर वितरण भी नियमित नहीं है. सेविका से एक माह का पोषाहार, 1000 रुपये और 2024-25 का किराया वसूला जाएगा. पहले भी इन पर कार्रवाई हो चुकी है. सभी मामलों में संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सेविकाओं पर दंड प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजें. साथ ही महिला पर्यवेक्षिका और टीम द्वारा हर सप्ताह औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट देने का आदेश भी दिया गया है.
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