संतान सुख की उम्मीद लिए पहुंचे दंपति, विश्व IVF दिवस पर विशेषज्ञों ने बताए इलाज के आधुनिक विकल्प

विश्व IVF दिवस के अवसर पर आयोजित निःशुल्क परामर्श शिविर में विशेषज्ञों ने बांझपन के कारणों और आधुनिक उपचारों पर प्रकाश डाला. IVF तकनीक से संतान सुख से वंचित दंपतियों को नई उम्मीद मिली है.

World IVF Day: विश्व IVF दिवस के अवसर पर शनिवार को शहर के उत्तरवारी पोखरा स्थित सिन्हा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के गर्भशक्ति IVF सेंटर में नि:शुल्क IVF एवं बांझपन परामर्श शिविर का आयोजन किया गया. सुबह 10 बजे से शुरू हुए शिविर में 50 से अधिक दंपतियों ने भाग लिया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया.

शिविर में प्रत्येक दंपति की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुनकर उनकी स्थिति के अनुसार जांच, उपचार और आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया की जानकारी दी गई.

विशेषज्ञ ने बताए बांझपन के प्रमुख कारण

IVF विशेषज्ञ एवं स्त्री रोग चिकित्सक डॉ अनुराधा खेमका ने कहा कि बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, हार्मोनल असंतुलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारणों से बांझपन की समस्या तेजी से बढ़ रही है.

उन्होंने कहा कि समय पर जांच, सही उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह से अधिकांश मामलों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं.

आधुनिक चिकित्सा से बढ़ी उम्मीद

डॉ अनुराधा खेमका ने कहा कि संतान सुख से वंचित दंपतियों को निराश होने की जरूरत नहीं है. आधुनिक चिकित्सा पद्धति, विशेषकर IVF तकनीक, अनेक दंपतियों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है.

उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर झिझक छोड़कर विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें और बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी भ्रम या अफवाह पर विश्वास न करें.

अब जिले में ही मिलेगी IVF की सुविधा

सिन्हा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ मोहनीश सिन्हा ने कहा कि गर्भशक्ति IVF सेंटर शुरू होने से अब पश्चिम चंपारण सहित आसपास के जिलों के दंपतियों को IVF और बांझपन के उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.

उन्होंने बताया कि केंद्र में अत्याधुनिक तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञों की देखरेख में उपचार की सुविधा उपलब्ध है. अस्पताल का उद्देश्य जिले के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है.

इन समस्याओं पर भी दी गई सलाह

शिविर के दौरान दंपतियों को IVF, IUI, ट्यूब ब्लॉक, PCOS, हार्मोनल असंतुलन, कम स्पर्म काउंट, बार-बार गर्भपात तथा बढ़ती उम्र के कारण गर्भधारण में आने वाली कठिनाइयों के संबंध में भी विशेषज्ञ परामर्श दिया गया.

शिविर में पहुंचे लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे संतान सुख की उम्मीद रखने वाले दंपतियों के लिए उपयोगी बताया.


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लेखक के बारे में

By गणेश वर्मा

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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