आग बरसाते मौसम में 92 मेगा वॉट पहुंची बिजली की खपत

आज करीब 53 साल बाद का सावन में आसमान बरसात की जगह मानो आग बरसाते महसूस हो रहा. जिससे राहत पाने के लिए लोगों ने जिले बिजली की खपत का इतिहास बदल दिया है.

रवि ””रंक””, बेतिया1972 में आई सुपर हिट फिल्म ””अमर प्रेम”” का बेहद पॉपुलर गाना – ””””चिंगारी कोई भड़के, तो सावन उसे बुझाये सावन जो अगन लगाये, उसे कौन बुझाये, फिल्म में वर्णित सावन के आग लगाने का कथ्य और शिल्प रोमांस आधारित था. लेकिन उसके आज करीब 53 साल बाद का सावन में आसमान बरसात की जगह मानो आग बरसाते महसूस हो रहा. जिससे राहत पाने के लिए लोगों ने जिले बिजली की खपत का इतिहास बदल दिया है.

बिजली के ग्रीड डिविजन के सहायक अभियंता अंकित कुमार बताते हैं कि बीते वर्षों के सावन महीने में बिजली की अधिकतम खपत 80 मेगा वॉट तक ही पहुंची है. लेकिन अबकी बार पानी की जगह मानो आग बरसाते सावन में में जिला में बिजली की खपत पूर्व के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए पिक आवर( शाम छह बजे से रात 11 बजे तक) में 92 मेगा वॉट तक पहुंच जा रही है. सामान्य समय भी जिले में बिजली की खपत औसतन 65-70 मेगा वॉट से बढ़ कर 80 से 85 मेगा वॉट तक पहुंच जा रही है. जो अपने आप में रिकॉर्ड है. इधर बिजली आपूर्ति के सहायक अभियंता सुशील कुमार बताते हैं कि बरसात के इस मौसम में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची उमस और गर्मी में ओवर लोड डिमांड के दबाव में बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखने में घंटे-घंटे फ्यूज उड़ने और सप्लाई वायर गलने के फॉल्ट को ठीक करते सप्लाई विंग के अधिकारी और कर्मी रतजगा करते हुए हल्कान जैसी स्थिति में समय निकाल रहे.

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By SATISH KUMAR

SATISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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