भूमि के अभाव में 388 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के भवन निर्माण पर ग्रहण

126 ही सरकारी अथवा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र के अपने भवन में चल रहे हैं.

बेतिया . जिले के सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर सह आरोग्य मंदिर के रूप में विकसित किए जाने की सरकारी घोषणा भूमि और भवन के अभाव में पूर्ण रूपेण धरातल पर खरा नहीं उतर पा रही है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि जिले के 303 पंचायत में मात्र 126 जगह पर ही स्वास्थ्य विभाग का अपना स्वास्थ्य उप केंद्र का भवन है. जाहिर है कि जिले के 541 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर सह आयुष्मान आरोग्य मंदिर में से महज 126 ही सरकारी अथवा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र के अपने भवन में चल रहे हैं. इनके अलावा 234 किराया के भवनों, 54 आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में, 24 पंचायत के सामुदायिक भवन तथा 76 पंचायत भवनों में संचालित हो रहे हैं.जहां लक्ष्य के अनुरूप जांच दवा और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहे हैं. जबकि सरकार की ओर से इन सभी जगह पर हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के भवन निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है और इस वर्ष के अंत तक सभी जगह कार्य आरंभ करने की भी निर्देश सरकार की ओर से दिए गए हैं. लेकिन भूमि के अभाव में चालू वर्ष के अंत तक भवन निर्माण आरंभ होना संभव नहीं लग रहा है. बता दें कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर सह हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर 147 तरह की दवाएं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही है. साथ ही 14 तरह की जांच की सुविधा उपलब्ध है. खासकर इन केंद्रों पर जच्चा बच्चा और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े सभी रोगों की जांच व इलाज की जा रही है. 12 तरह की प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं जरुरी जिला में स्थापित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स में लोगों को 12 तरह की प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी जरूरी है. इन केंद्रों में प्रसव पूर्व देखभाल और प्रसव, नवजात शिशु स्वास्थ्य-टीकाकरण, परिवार नियोजन-प्रजनन स्वास्थ्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम-संचारी रोग और गैर संचारी रोग स्क्रीनिंग-प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग-प्रबंधन, सामान्य रोगों के लिए बाह्य रोगी देखभाल-प्रबंधन, आंख-नाक-कान-गला संबंधी सामान्य देखभाल, मुख स्वास्थ्य संबंधी देखभाल, वयोवृद्ध स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं और आपातकालीन चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है. जिला पदाधिकारी ने सभी सीओ से हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के लिए भूमि चिन्हित कर पूर्ण ब्यौरा 1 सप्ताह के अंदर भेजने का निर्देश दिया है. इससे चालू वर्ष के अंत तक अधिकतर हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के भवनों का निर्माण आरंभ होने की संभावना है. डॉ विजय कुमार, सिविल सर्जन पश्चिम चंपारण

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By DIGVIJAY SINGH

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