बेतिया से रवि “रंक” की रिपोर्ट
Back to School Week: बिहार के सरकारी विद्यालयों में गर्मी की छुट्टियों के बाद छात्रों का विशेष स्वागत किया जाएगा. शिक्षा विभाग ने 22 जून से 27 जून 2026 तक राज्य के कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी विद्यालयों में “स्वागत सप्ताह (बैक टू स्कूल वीक)” मनाने का निर्देश जारी किया है. इस दौरान बच्चों को स्कूल लौटने के लिए प्रेरित करने और पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा.
प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि लंबी छुट्टियों के कारण पढ़ाई की निरंतरता प्रभावित होती है और कई बार बच्चों की विद्यालय में उपस्थिति भी कम हो जाती है. इसे ध्यान में रखते हुए यह विशेष पहल शुरू की गई है.
पढ़ाई में रुचि बढ़ाने पर रहेगा फोकस
शिक्षा विभाग के अनुसार, स्वागत सप्ताह का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए आकर्षक, सुरक्षित और प्रेरणादायक शैक्षणिक माहौल तैयार करना है. इससे छात्रों को दोबारा विद्यालयी गतिविधियों से जोड़ने में मदद मिलेगी.
विभाग का मानना है कि छुट्टियों के बाद बच्चों को सकारात्मक माहौल मिलने से उनकी सीखने की प्रक्रिया और विद्यालय में नियमित उपस्थिति को बढ़ावा मिलेगा.
स्कूलों में होंगी विशेष गतिविधियां
आदेश के अनुसार, सप्ताह भर विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. स्कूल परिसर की सजावट, स्वागत वातावरण का निर्माण, प्रेरक संवाद, कहानी और कविता पाठ जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी.
इसके अलावा स्थानीय प्रेरक व्यक्तित्वों की जीवन यात्रा और उपलब्धियों को भी बच्चों के साथ साझा किया जाएगा ताकि उनमें आत्मविश्वास और प्रेरणा का संचार हो सके.
अभिभावकों को भी किया जाएगा जागरूक
शिक्षा विभाग ने विद्यालयों को निर्देश दिया है कि लाउडस्पीकर और अन्य माध्यमों से बच्चों एवं अभिभावकों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए. विद्यालय के प्रवेश द्वार पर छात्रों का आत्मीय स्वागत करने तथा सकारात्मक माहौल तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया गया है.
“हर बच्चे का स्वागत, हर सपने का सम्मान” थीम
इस अभियान की थीम “हर बच्चे का स्वागत, हर सपने का सम्मान” रखी गई है. जिला शिक्षा पदाधिकारियों और समग्र शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को इसके सफल क्रियान्वयन का निर्देश दिया गया है.
बेतिया जिला शिक्षा पदाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि इस पहल से छात्रों की विद्यालय में वापसी और नामांकन बढ़ाने में मदद मिलेगी. साथ ही बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों में निरंतरता भी बनी रहेगी.
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