सात सदस्यीय टीम ने गंडक बराज के बांधों की सुरक्षा का किया मूल्यांकन

कार्यालय राज्य बांध सुरक्षा संगठन जल संसाधन विभाग अनीसाबाद पटना के राज्य बांध सुरक्षा समिति के अध्यक्ष अभियंता प्रमुख सिंचाई सृजन, जल संसाधन विभाग द्वारा भारत सरकार के दिशा निर्देश पर गठित एक टीम के द्वारा बुधवार को गंडक बराज का निरीक्षण किया गया.

वाल्मीकिनगर. कार्यालय राज्य बांध सुरक्षा संगठन जल संसाधन विभाग अनीसाबाद पटना के राज्य बांध सुरक्षा समिति के अध्यक्ष अभियंता प्रमुख सिंचाई सृजन, जल संसाधन विभाग द्वारा भारत सरकार के दिशा निर्देश पर गठित एक टीम के द्वारा बुधवार को गंडक बराज का निरीक्षण किया गया. सीडब्ल्यूसी के पूर्व चेयरमैन एके बजाज के नेतृत्व में टीम वीरपुर कोसी बराज के निरीक्षण के उपरांत वाल्मीकिनगर आयी है. केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे के पहल पर वाल्मीकिनगर गंडक बराज निरीक्षण करने पहुंची सात सदस्यीय टीम. पूर्व चेयरमैन ने बताया कि भारत सरकार के द्वारा बनाया गया डैम सुरक्षा अधिनियम 21 के तहत पूर्व में बनाए गए सभी डैम की वर्तमान में क्या स्थिति है तथा इसमें क्या सुधार किया जा सकता है इसकी कमियों की जांच के लिए टीम वाल्मीकिनगर गंडक बराज का निरीक्षण करने के लिए दो दिवसीय दौरे पर आई है. टीम में सभी विभाग के विशेषज्ञ शामिल है. सभी के द्वारा गंडक बराज के फाटक, गेट के रस्सी, कंट्रोल रूम की स्थिति, ऑपरेटिंग सिस्टम आदि का जांच किया गया है. गंडक बराज का निरीक्षण का रिपोर्ट तैयार किया जाएगा. जो भी कमियां होंगी तथा जो भी बदलाव करना होगा उसकी रिपोर्ट तैयार कर भारत सरकार को सुपुर्द की जाएगी. इसके साथ ही गंडक बराज का जब निर्माण हुआ था तब सड़क पर कितनी क्षमता की वाहन को आवागमन के लिए अनुमति दिया गया था, अभी सड़क की क्या स्थिति है, इसके साथ ही वाहन के आवागमन से सड़क पर कितना कंपन हो रहा है इसका भी रिपोर्ट तैयार किया जाएगा. तैयार रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार के द्वारा डैम की कमियों को दूर करने के लिए संबंधित विभाग को दिशा निर्देश दिया जाएगा. भारत सरकार द्वारा गठित टीम कोसी बराज का निरीक्षण कर मंगलवार की रात वाल्मीकिनगर पहुंची है. गंडक बराज के निरीक्षण करने आई टीम में दिल्ली से सीडब्ल्यूसी के पूर्व चेयरमैन एके बजाज, एनएचपीसी के पूर्व चेयरमैन राजीव सचदेवा, श्री सबरवाल, हैदराबाद से मंदापल्ली राजू, ग्वालियर से आरपी श्रीवास्तव, आईआईटी जोधपुर से प्रो. आधार शरण, डब्ल्यूआरडी मुंबई से राजेश श्रीवास्तव के अलावा पटना से सीडीओ तथा भू अर्जन विभाग के अधिकारी के अलावा अधीक्षण अभियंता जल संसाधन विभाग वाल्मीकिनगर राजीव कुमार, गंडक बराज के कार्यपालक अभियंता मो. इकबाल अनवर, सहायक अभियंता यांत्रिक जितेंद्र कुमार, सहायक अभियंता सुजीत कुमार, कनीय अभियंता प्रमोद कुमार सिंह, यांत्रिक कनीय अभियंता विवेक गौरव के अलावा अन्य अभियंता उपस्थित रहे. प्रधानमंत्री को केंद्रीय राज्य मंत्री ने सौंपा था ज्ञापन, निरीक्षण के लिए पहुंची सात सदस्यीय टीम गंडक बराज वाल्मीकिनगर को लेकर प्रधानमंत्री से राज्य मंत्री कोयला एवं खान भारत सरकार सतीश चंद्र दुबे 31 जुलाई 2025 मिले थे और उनका ध्यान चंपारण अंतर्गत वाल्मीकिनगर अवस्थित गंडक बराज की तरफ आकृष्ट कराया था. इसको लेकर सात सदस्यीय टीम गंडक बराज का निरीक्षण करने आयी है. मंत्री ने प्रधानमंत्री को दिये गये पत्र में लिखा है कि इस बराज का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री स्व. जवाहर नेहरू के साथ भारत एवं नेपाल के बीच द्विपक्षीय समझौते के अंतर्गत 1959 में आरंभ हुआ था. यह बराज पिछले 55 वर्षों से बिहार, उत्तर-प्रदेश एवं नेपाल के कई जिलों को न केवल सिंचाई हेतु जल उपलब्ध करा रहा है. बल्कि जल विद्युत एवं पर्यटन हेतु अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध करा रहा है. बराज की जलधारण क्षमता काफी कम हो गयी है इससे न केवल सिंचाई हेतु जल की कमी महसूस की जा रही है. बल्कि मानसून के समय कई बार सभी 36 गेट खोलने की स्थिति आ रही है. उक्त जानकारी मंत्री के मीडिया प्रभारी रितु जायसवाल ने दी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SATISH KUMAR

SATISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >