Valmikinagar News: सावन की दूसरी सोमवारी के अवसर पर वाल्मीकिनगर के ऐतिहासिक जटाशंकर धाम में रविवार को धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ भक्तिमय माहौल में हुआ. 24 घंटे अखंड राम नाम संकीर्तन और भंडारे को लेकर थारू समुदाय की ओर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई. इसमें 251 कन्याओं ने माथे पर कलश रखकर नारायणी नदी से जल भरा और गाजे-बाजे के साथ जटाशंकर धाम पहुंचीं.
251 कन्याओं ने निकाली कलश यात्रा
कलश यात्रा में थारू समुदाय की महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ लोक भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया. मंदिर परिसर से निकली यात्रा नारायणी नदी के संगम तट स्थित कालेश्वर मंदिर परिसर तक पहुंची. राम नाम के जयघोष और भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा.
पारंपरिक लोक संस्कृति और धार्मिक आस्था का यह संगम श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा. कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया.
24 घंटे अखंड राम नाम संकीर्तन का शुभारंभ
जिला परिषद अध्यक्ष निर्भय कुमार महतो की पहल पर 24 घंटे अखंड राम नाम संकीर्तन की शुरुआत की गई. आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया. धार्मिक अनुष्ठान के कारण जटाशंकर धाम परिसर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा.
श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे भंडारे की व्यवस्था
आयोजनकर्ता निर्भय कुमार महतो ने बताया कि सावन माह में थारू समुदाय की ओर से हर वर्ष यह धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाता है. इस वर्ष आयोजन की जिम्मेदारी उन्होंने ली है.
जटाशंकर धाम पहुंचने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशाला को व्यवस्थित किया गया है. श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे भंडारे और महाप्रसाद की व्यवस्था रहेगी.
सावन की दूसरी सोमवारी की शाम होगी पूर्णाहुति
आयोजकों के अनुसार अखंड राम नाम संकीर्तन की पूर्णाहुति सावन की दूसरी सोमवारी की शाम होगी. इसके लिए मंदिर परिसर में आवश्यक तैयारियां की गई हैं. श्रद्धालुओं से धार्मिक आयोजन में शामिल होकर महाप्रसाद ग्रहण करने की अपील भी की गई है.
थारू समाज की धार्मिक परंपरा का प्रमुख केंद्र है जटाशंकर धाम
वीटीआर के घने जंगलों में स्थित जटाशंकर धाम थारू समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. यहां होने वाले धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की सेवा में थारू समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है.
सावन में होने वाला अखंड राम नाम संकीर्तन समुदाय की पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है. मंदिर की देखरेख और श्रद्धालुओं की सेवा में भी समुदाय के लोग सक्रिय भूमिका निभाते हैं.
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
आयोजन में जिला परिषद क्षेत्र संख्या चार के सदस्य बृज बिहारी यादव, पूर्व मुखिया राजलाल महतो, ईडीसी अध्यक्ष संतोष काजी, थारू कल्याण महासंघ के पूर्व अध्यक्ष महेश्वर काजी, पूर्व सरपंच जगदीश सोखईत समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.
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