Begusarai Girls Shelter Home : बिहार के बेगूसराय जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र स्थित बालिका गृह से पिछले दिनों रहस्यमय तरीके से लापता हुई पांच नाबालिग लड़कियों के मामले में पुलिस को अहम कामयाबी मिली है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच में से तीन लड़कियों को सकुशल बरामद कर लिया है. वहीं, बाकी दो बच्चियों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनीष पूरे मामले की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं.
रतनपुर बालिका गृह मामले में पुलिस को मिली कामयाबी
बीते 27 जुलाई को रतनपुर स्थित बालिका गृह से पांच नाबालिग लड़कियां बिना किसी को बताए अचानक गायब हो गई थीं. इस खबर के फैलते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. जिला पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए तुरंत एक्शन लिया. स्थानीय पुलिस के साथ-साथ तकनीकी टीम को भी बच्चियों की तलाश में लगाया गया, जिसका नतीजा यह रहा कि तीन बच्चियों को ढूंढ निकाला गया.
सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
बच्चियों को खोजने के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का भरपूर सहारा लिया. रतनपुर थाना पुलिस, तकनीकी सर्विलांस टीम और स्थानीय सूचना तंत्र को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया था. आसपास के सभी थानों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर अलर्ट भेज दिया गया. पुलिस ने बालिका गृह और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे बच्चियों का सुराग मिला और तीन को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया.
मेडिकल जांच के बाद सीडब्ल्यूसी को सौंपी गईं बच्चियां
बरामद की गई तीनों नाबालिग बालिकाओं को तुरंत सुरक्षित माहौल में रखा गया. सबसे पहले पुलिस ने उनका चिकित्सकीय परीक्षण (मेडिकल चेकअप) कराया ताकि उनके स्वास्थ्य की जानकारी मिल सके. मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार तीनों बच्चियों को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया. इसके बाद उन्हें सुरक्षित रूप से वापस बालिका गृह भेज दिया गया है.
एसपी मनीष ने खुद संभाला मोर्चा, दिए सख्त निर्देश
इस गंभीर घटना के बाद बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनीष ने खुद बालिका गृह पहुंचकर हालात का जायजा लिया. उन्होंने वहां तैनात वार्डन और अन्य कर्मचारियों से कड़ी पूछताछ की. एसपी ने सदर एसडीपीओ-वन और रतनपुर थाना पुलिस को मामले की गहराई से जांच करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि अगर जांच में बालिका गृह के कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल
इस घटना ने जिले में स्थित सुधार गृहों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. गौरतलब है कि इसी साल 2024 में बेगूसराय के बाल सुधार गृह से भी पांच बच्चे फरार हो गए थे. हालांकि, उन्हें पुलिस ने महज 12 घंटों के भीतर पकड़ लिया था. बार-बार हो रही इन घटनाओं के बाद बालिका गृह और बाल सुधार गृहों की सुरक्षा और वहां की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
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