Good News: बेगूसराय में ही रहेगा मक्का अनुसंधान केंद्र, केंद्रीय मंत्री ने कर दिया साफ, अफवाहों पर लगा विराम

Maize Research Center: शिवराज सिंह ने संसद में कहा कहा कि कोई भी आदमी भ्रम फैलाने का काम न करे. मक्का अनुसंधान केंद्र बेगूसराय में ही रहेगा.

Maize Research Center: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा है कि मक्का अनुसंधान केंद्र बेगूसराय में ही रहेगा. उन्होंने विपक्षी दलों को कहा कि आप हमारी नीतियों की आलोचना कीजिये, हमारे काम में कोई कमी है तो कहिये लेकिन भ्रम फैलाने का नहीं करें.

मक्का रिसर्च सेंटर नहीं शिफ्ट होगा

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “एक लाख करोड़ रुपये के एग्रीकल्चर इंफ्रा फंड की स्कीम से 51783 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. किसान और विज्ञान को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है. लैब टू लैंड के लिए मोदी सरकार ने पहल की है. मोदी सरकार ने डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन प्रारंभ किया है जिसमें डिजिटल किसान आईडी अब अलग से बनेगा. बेगूसराय के मक्का अनुसंधान केंद्र पर कोई भ्रम फैलाने का काम नहीं करें, बेगूसराय में ही मक्का अनुसंधान केंद्र रहेगा. कर्नाटक में हम अलग से केंद्र खोलेंगे.”

Ai फोटो

विपक्ष के निशाने पर थे गिरिराज सिंह

मक्का अनुसंधान केंद्र के शिफ्ट किये जाने की बात से बेगूसराय समेत बिहार की राजनीति गरमाई हुई है. इस मुद्दे पर राजद नेता तेजस्वी यादव, पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव समेत सभी बड़े विपक्षी नेताओं ने बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह और एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा था. जनता भी हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बीजेपी पर हमला बोल रही थी. एक यूजर ने लिखा था, वोट दे बिहार की जनता और सभी अनुसंधान केंद्र बिहार के बाहर खुले. इस मुद्दे को लेकर बेगूसराय में कांग्रेस, राजद, सीपीआई और सीपीएम की ओर से लगातार आंदोलन किया जा रहा है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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