Begusarai News : राष्ट्रीय कवि संगम के सहयोग से गुरुवार को एलएसडी इंटरनेशनल स्कूल, मेघौल परिसर में वंदेमातरम् कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में देशभक्ति, सामाजिक सरोकार, हास्य-व्यंग्य, बचपन और युवा पीढ़ी जैसे विभिन्न विषयों पर कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. हास्य-व्यंग्य की रचनाओं पर दर्शकों के बीच जमकर ठहाके गूंजे, वहीं गंभीर और प्रेरणादायी कविताओं ने लोगों को सोचने पर मजबूर किया.
देशभर में देशभक्ति की अलख जगाने का प्रयास
कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार चंद्रशेखर चौधरी ने की, जबकि मंच संचालन कवि प्रफुल्ल मिश्रा ने किया. राष्ट्रीय कवि संगम के प्रांतीय अध्यक्ष प्रभाकर कुमार राय ने विषय प्रवेश कराते हुए संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कवि संगम की ओर से राज्यभर में 150 वंदेमातरम् कवि सम्मेलनों के आयोजन का निर्णय लिया गया है. इनमें अब तक 16 कार्यक्रम संपन्न हो चुके हैं. इसी कड़ी में मेघौल में भी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. उन्होंने कार्यक्रम में बुजुर्गों और ग्रामीणों की सहभागिता की सराहना की.
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कवियों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कवि अशांत भोला, प्रफुल्ल मिश्रा, संगीता कुमारी, राहुल भारद्वाज, गौरी शंकर त्रिशूल, कृष्ण कुमार सहित अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी. युवा कवि कृष्ण कुमार ने महाभारत युद्ध पर आधारित कविता प्रस्तुत की. वहीं कन्हैया कुमार की आजादी, मैथिली माधव की 'वंदे मातरम्' और 'बौआ की माय' तथा कृष्ण कुमार चौधरी की 'युवा और मोबाइल' विषयक कविताओं को श्रोताओं ने खूब सराहा.
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बचपन और जिंदगी की यादों से जोड़ा
संगीता कुमारी ने बचपन पर कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं को बचपन की यादों से जोड़ दिया. वहीं अशांत भोला की मां, दोस्ती और जिंदगी से जुड़ी रचनाओं एवं गजल ने खूब तालियां बटोरीं. अन्य कवियों ने भी हास्य-व्यंग्य और सामाजिक विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में रंग भर दिया.
अतिथियों और साहित्यप्रेमियों की रही मौजूदगी
आगत अतिथियों का स्वागत विद्यालय के निदेशक जयवर्धन वत्स ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पंचायत के मुखिया पुरुषोत्तम सिंह ने किया. मौके पर आइपी स्कूल बरियारपुर पूर्वी के निदेशक राजाराम महतो, शिक्षक दिनेश चौधरी, सेवानिवृत्त शिक्षक अरुण कुमार झा, युगेश्वर महतो, सुनील कुमार सिंह, वैद्यनाथ सिंह, ग्रामीण अमरेंद्र प्रसाद सिंह, माधव कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण और साहित्यप्रेमी मौजूद रहे.
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