Begusarai News: बेगूसराय जिले के बखरी प्रखंड और नगर क्षेत्र में रविवार की देर रात से हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. एक तरफ जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी तरफ कई गांवों और निचले इलाकों में भारी जलजमाव होने तथा घरों में पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें गंभीर रूप से बढ़ गई हैं.
सिमरी के पासवान टोला में घुटनों तक भरा पानी, डूबा घरेलू सामान
सबसे अधिक प्रभावित घाघरा पंचायत के सिमरी गांव स्थित पासवान टोला रहा, जो अति पिछड़ा बालिका छात्रावास के समीप स्थित है. रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद यहाँ दर्जनों घरों के अंदर घुटनों तक पानी भर गया. पानी घरों में घुसने से लोगों की चौकी, बिस्तर, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक घरेलू सामग्रियां पूरी तरह डूब गई हैं. स्थिति इतनी खराब हो गई कि कई परिवार सुबह के समय चूल्हा तक नहीं जला सके. घरों में पानी भरने के कारण बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशानी झेल रहे हैं. इसके अलावा, अधिकांश शौचालय भी पानी से पूरी तरह भर चुके हैं, जिससे दैनिक कार्यों को पूरा करना बेहद कठिन हो गया है.
बाधित पुलिया और जलनिकासी की कमी बनी मुख्य वजह
ग्रामीणों का कहना है कि मधुआ गांव से सिमरी तक बखरी-गढ़पुरा सड़क के पश्चिमी हिस्से में वर्षों से जलनिकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. हल्की बारिश होने पर भी यहां कई घरों में पानी घुस जाता है और हर बरसात के मौसम में यही दयनीय स्थिति बन जाती है. स्थानीय लोगों के अनुसार, अति पिछड़ा बालिका विद्यालय के निर्माण के दौरान उसके पास स्थित मुख्य पुलिया को मिट्टी आदि से भर दिए जाने के कारण पानी की निकासी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है. यही कारण है कि बारिश का सारा पानी आसपास के रिहायशी घरों में जमा होकर झील का रूप ले लेता है.
प्रभावित परिवारों में आक्रोश, स्थायी समाधान की मांग
इस विकट जलजमाव से प्रभावित होने वाले प्रमुख परिवारों में फुलचन पासवान, प्रदुमन पासवान, छोटेलाल पासवान, अशोक पासवान, योगेंद्र पासवान, रघुनंदन पासवान, उपेंद्र महतो और पॉलिन महतो सहित कई अन्य लोग शामिल हैं. स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्षों से इस गंभीर समस्या की जानकारी दिए जाने के बावजूद आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. ग्रामीणों ने तत्काल प्रभाव से जल निकासी की व्यवस्था कराने और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है.
