पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने कोर्ट को दिया खराब तबीयत का हवाला, जेल में ही इलाज कराने का मिला निर्देश

बिहार सरकार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को आर्म्स एक्ट मामले में दोषी पाए जाने के बाद 7 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है. अवैध हथियार की बरामदगी के बाद यह फैसला आया है, अब आगे की राहत के लिए वे पटना उच्च न्यायालय का रुख करेंगे.

Former Minister Manju Verma : बिहार सरकार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा एवं उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को आर्म्स एक्ट के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में लेकर बेगूसराय जेल भेज दिया गया है. इस दौरान पूर्व मंत्री मंजू वर्मा की ओर से अधिवक्ता ने न्यायालय में एक आवेदन देकर उनकी तबीयत खराब होने का हवाला भी दिया. जिस पर न्यायालय ने सुनवाई की और उनका समुचित इलाज कराने का निर्देश जेल अधीक्षक को दिया है.

पूर्व मंत्री एवं उनके पति को यह सजा जिला जज द्वितीय सह एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने सुनाई है. इससे पहले कोर्ट ने उन्हें मामले में दोषी करार दिया. फिर दोनों आरोपितों को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1 ए) में 7 साल सश्रम कारावास एवं 50000 अर्थ दंड की सजा सुनाई. साथ ही आर्म्स एक्ट की धारा 26 में 5 साल सश्रम कारावास एवं 40000 अर्थ दंड की सजा सुनाई.

यहां पढ़ें खबर : बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति को 7-7 साल की जेल, अवैध हथियार रखने मामले में कोर्ट का फैसला

क्या है मामला

16 अगस्त 2018 को मुजफ्फरपुर बालिका कांड के जांच के क्रम में सीबीआई के द्वारा पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के बेगूसराय घर श्रीपुर अर्जुन टोल, चेरिया बरियारपुर में छापेमारी की गई थी. इस दौरान उनके घर में रखे स्टील के ट्रंक से 50 अवैध जिंदा गोली बरामद की गई. जिसमें 15 गोली .328 बोर की, दस गोली .8 एन एन बोर की, 19 गोली 7.62 बोर की और 6 गोली .303 बोर की बरामद की गयी.

अवैध गोली बरामद होने के बाद सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक व सूचक उमेश कुमार ने चेरियाबरियारपुर थाना में जप्ती सूची के साथ आवेदन दिया. इसमें उन्होंने पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने को कहा. उसी आवेदन पर चेरिया बरियारपुर थाना कांड संख्या 143/2018 आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)ए ,26 और 35 के तहत दर्ज की गई थी.

पति-पत्नी को कोर्ट से लगा झटका

अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक राम प्रकाश यादव ने न्यायालय में अभियोजन का पक्ष रखा और इनके द्वारा आठ गवाहों की गवाही कराई गई है. पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा की ओर से वरीय अधिवक्ता विजय कुमार महाराज और ललन महतो इनका पक्ष न्यायालय में रखा था.

फिलहाल पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति को बेगूसराय कोर्ट से करारा झटका लगा है. अब किसी भी तरह की राहत के लिए पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और चंद्रशेखर वर्मा की निगाहें पटना उच्च न्यायालय पर रहेगी. न्यायालय के फैसले को लेकर सुबह से ही जिले में हलचल देखी जा रही थी.


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By Bipin Kumar Mishra

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