Begusarai Municipal Corporation Dispute : बिहार के बेगूसराय नगर निगम में एक बार फिर से सियासी पारा चढ़ गया है. पूर्व उपमेयर और वर्तमान पार्षद राजीव रंजन ने मेयर पिंकी देवी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि मेयर द्वारा बिहार नगरपालिका अधिनियम की सरेआम अनदेखी की जा रही है. इस मामले को लेकर उन्होंने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग की है. इस विवाद के बाद निगम की राजनीति गरमा गई है.
मेयर पर नियमों की अनदेखी का आरोप
पूर्व डिप्टी मेयर राजीव रंजन का मुख्य आरोप है कि मेयर पिंकी देवी सशक्त स्थाई समिति की बैठकों को लेकर गंभीर नहीं हैं. बिहार नगरपालिका अधिनियम के तहत जो नियम बनाए गए हैं, निगम में उनका सही से पालन नहीं किया जा रहा है. लगातार बैठकों की अनदेखी से शहर के विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
चार साल में मात्र 28 बैठकें हुईं
राजीव रंजन ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्तमान कार्यकाल के लगभग चार साल पूरे होने को हैं. इतने लंबे समय में अब तक सशक्त स्थाई समिति की केवल 28 बैठकें ही आयोजित की गई हैं. इसके अलावा निगम बोर्ड की भी मात्र 23 बैठकें ही हो सकी हैं. यह संख्या तय नियमों के हिसाब से बहुत कम है, जो निगम प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करती है.
क्या कहता है नगरपालिका का नियम
पूर्व उपमेयर ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि बिहार नगरपालिका अधिनियम के अनुसार सशक्त स्थाई समिति की बैठक हर महीने में दो बार आयोजित होना अनिवार्य है. अगर इस नियम को देखा जाए, तो चार साल में बैठकों की संख्या बहुत अधिक होनी चाहिए थी. लेकिन निगम प्रशासन जानबूझकर बैठकों से बच रहा है, ताकि विकास योजनाओं को लेकर जवाबदेही से बचा जा सके.
विकास योजनाओं पर पड़ रहा है सीधा असर
लगातार बैठकें न होने का सबसे बड़ा नुकसान शहर के विकास को हो रहा है. राजीव रंजन ने चिंता जताते हुए कहा कि सशक्त स्थाई समिति की बैठक नहीं होने से कई अहम विकास योजनाओं की स्वीकृति और क्रियान्वयन लटका हुआ है. शहर में नाला निर्माण, सड़क मरम्मत और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं.
प्रधान सचिव से की गई कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले को लेकर राजीव रंजन ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव से लिखित शिकायत की है. उन्होंने अपनी शिकायत में मेयर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आग्रह किया है.
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