बेगूसराय को औद्योगिक राजधानी बनाने में रामचरित्र बाबू की दूरदर्शी सोच थी, जिसके कारण आज बेगूसराय बिहार की औद्योगिक राजधानी है. इसलिए बेगूसराय के अंदर रामचरित्र बाबू का सम्मान लाजमी है और इसके लिए सरकार को चाहिए कि रामचरित्र बाबू को उचित सम्मान दे. यह बातें बीहट स्थित संस्कार भवन में आयोजित परिचर्चा को संबोधित करते हुए लोजपा नेता सुदर्शन सिंह ने कहीं.
उन्होंने कहा कि रामचरित्र बाबू की पूरे मान-सम्मान के साथ सिमरिया गोलंबर पर प्रतिमा लगाई जाए. वहीं, कांग्रेस नेता नंदकिशोर सिंह ने कहा कि रामचरित्र बाबू के योगदान को देखते हुए उनकी प्रतिमा सिमरिया गोलंबर पर स्थापित की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि रामचरित्र बाबू केवल बेगूसराय के नहीं, बल्कि बिहार के बड़े स्वतंत्रता सेनानियों में शुमार थे.
आधुनिक बिहार के निर्माण की मजबूत नींव थे रामचरित्र बाबू
छात्र नेता रामकृष्ण ने कहा कि किसी भी समाज या राष्ट्र की पहचान उसकी मिट्टी और उस मिट्टी से उपजे महान नायकों से होती है. बाबू रामचरित्र सिंह केवल एक नाम नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था, एक आंदोलन और आधुनिक बिहार के निर्माण की मजबूत नींव थे.
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा कि हमारी नस-नस में बाबू रामचरित्र सिंह जैसे अपने महानायकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव जिंदा है.
'बेगूसराय के विकास में रामचरित्र बाबू का योगदान' विषयक परिचर्चा की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधायक राम रतन सिंह ने कहा कि रामचरित्र बाबू ने बेगूसराय को औद्योगिक राजधानी बनाने में श्रीबाबू के साथ मिलकर अगुवाई की थी, जिसके कारण आज बेगूसराय इस मुकाम पर है. उन्होंने कहा कि उनके योगदान को आज सम्मान देने की जरूरत है और इसलिए संपूर्ण बेगूसराय को एक साथ होकर इस पर अपनी सहमति बनानी चाहिए.
प्रमुख वक्ताओं और गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
परिचर्चा को विक्रमपुर से आए सच्चिदानंद सिंह, इंटक नेता चुनचुन राय, पूर्व मुखिया चंद्रशेखर सिंह, रामचरित्र बाबू की पौत्री डॉ. दीप्ति, जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष संजय कुमार, राजद नेता रामानंद प्रसाद यादव, केशावे पंचायत पैक्स अध्यक्ष संदीप कुमार उर्फ छोटू सहित अन्य ने संबोधित किया.
मौके पर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह, जदयू नेता रामनारायण सिंह, दिनेश प्रसाद सिंह दीना, हम पार्टी अध्यक्ष पीयूष कुमार, उपमुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार, पैक्स अध्यक्ष पवन कुमार, समाजसेवी हेमंत कुमार, बिहार इप्टा के अमरनाथ सिंह, संजय कुमार चौधरी उर्फ महात्मा, सवर्ण मोर्चा के अमित कुमार, पूर्व प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह, राजकुमार सिंह राजू, एटक जिला मंत्री प्रहलाद सिंह, राजीव कुमार, अशोक रजक.
रामसागर सिंह, निवास सिंह, रामसुंदर सिंह, मो. शकील, वीरपुर के विनोद कुमार, तेघड़ा से राजेश कुमार श्रवण, मेहदाशाहपुर से राम सुमेश सिंह, पवड़ा से चक्रधर सिंह, संजात से अवधेश कुमार झा, मकरदही बलराम सिंह, मो. एजाज, गोपाल कुमार, रितेश कुमार गोल्डन सहित अन्य उपस्थित थे.
परिचर्चा के बाद समवेत स्वर में उपस्थित लोगों ने बिहार और भारत सरकार से रामचरित्र सिंह की प्रतिमा स्थापित करने की पुरजोर मांग की. इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. कुंदन कुमार ने किया.
