Begusarai News : बिहार सरकार द्वारा स्टेट हाईवे पर कमर्शियल वाहनों से टोल टैक्स वसूली की घोषणा का विरोध तेज हो गया है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता एवं मार्क्सवादी चिंतक का. प्रताप नारायण सिंह ने इस फैसले को "तुगलकी फरमान" बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है.
महंगाई और बढ़ने का जताया अंदेशा
प्रताप नारायण सिंह ने कहा कि कमर्शियल वाहनों के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों तक आम जनता की जरूरतों का सामान पहुंचाया जाता है. इन वाहनों को पहले से ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने टोल प्लाजा पर टोल टैक्स का भुगतान करना पड़ता है. अब राज्य सरकार द्वारा स्टेट हाईवे पर भी टोल टैक्स लगाने का निर्णय लिया गया है, जिससे परिवहन लागत बढ़ेगी और इसका सीधा असर आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
केंद्र की आर्थिक नीतियों का भी किया जिक्र
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण पहले से ही जनता महंगाई की मार झेल रही है. ऐसे समय में बिहार सरकार द्वारा स्टेट हाईवे पर अलग से टोल टैक्स लगाने का फैसला जनहित के खिलाफ है और तानाशाही रवैये को दर्शाता है.
राजनीतिक टिप्पणी भी की
प्रताप नारायण सिंह ने कहा कि राम मंदिर में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर लोग चिंतित हैं. उनका आरोप है कि इस मामले से जनता का ध्यान भटकाने के लिए बिहार सरकार ने स्टेट हाईवे पर कमर्शियल वाहनों पर टोल टैक्स लगाने की घोषणा की है. उन्होंने इसे "एक तीर से दो निशाने" साधने की कोशिश बताया.
फैसला वापस लेने की मांग
भाकपा नेता ने बिहार सरकार से जनहित को ध्यान में रखते हुए स्टेट हाईवे पर कमर्शियल वाहनों से टोल टैक्स वसूली के निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की. उनका कहना है कि यदि यह फैसला लागू होता है तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा और महंगाई में और बढ़ोतरी होगी.
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