Begusarai Flood : बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है. गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण बेगूसराय जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. जिले के 5 अंचलों की 20 पंचायतों के 24 गांव और 45 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं. प्रशासन के अनुसार करीब 22 हजार की आबादी बाढ़ की चपेट में है.
नगर निगम क्षेत्र में भी बाढ़ का असर साफ दिखाई देने लगा है. नगर निगम के वार्ड संख्या 4 लभरचक, वार्ड संख्या 5 कमरुद्दीनपुर, वार्ड संख्या 6 मुसनटोल और वार्ड संख्या 18 कैलाशपुर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. पानी बढ़ने के साथ ही इन इलाकों में रहने वाले परिवार जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं. कई परिवार पहले ही बांध पर पहुंचकर शरण ले चुके हैं.
गुरुवार देर रात से जलस्तर बढ़ने की रफ्तार हुई तेज
स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले दो दिनों से पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा था, लेकिन गुरुवार देर रात से जलस्तर बढ़ने की रफ्तार तेज हो गई. इसके बाद प्रभावित इलाकों में अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई. लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती परिवार के सदस्यों के साथ-साथ मवेशियों को भी सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की है.
नदियां लाल निशान पर
गंगा के साथ-साथ कोसी, गंडक और बागमती जैसी प्रमुख नदियां भी लाल निशान से ऊपर बह रही हैं. हालात से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 34 टीमें राहत-बचाव के काम में जुटी हैं.
11 जिलों में बाढ़ का असर
बेगूसराय के साथ राज्य के 11 जिले-भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, अरवल और पटना भी पानी के दबाव से जूझ रहे हैं. करीब 61 प्रखंडों की 300 से ज्यादा ग्राम पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं. खेतों में लगी फसलें डूब चुकी हैं, जबकि कई रास्तों पर पानी चढ़ने से गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है. ऐसे में लोग ऊंचे स्थानों और बांधों पर शरण लेने को मजबूर हैं.
लाखों लोग हुए प्रभावित
आंकड़ों के मुताबिक करीब 16.85 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. नदी का पानी बढ़ने के साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किल और बढ़ सकती है. इसी को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव का काम लगातार जारी है.
गांधी घाट पर गंगा पुराने रिकॉर्ड से ऊपर
पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर पहुंच गया है, जो 2016 के उच्चतम स्तर 50.52 मीटर से 5 सेंटीमीटर अधिक है. पानी का रुख अभी भी चढ़ाव पर बना हुआ है.
पटना जिले के पंडारक में भी गंगा ने 2021 का रिकॉर्ड पार कर लिया है. यहां जलस्तर 43.78 मीटर दर्ज किया गया है, जो पिछले उच्चतम स्तर से 5 सेंटीमीटर ज्यादा है. दोनों जगहों पर तेज बहाव के कारण दियारा और आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है.
सात नदियां लाल निशान के पार
गंगा के साथ गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. मुख्य नदी का पेट पहले से भरा होने के कारण सहायक नदियों के पानी की निकासी प्रभावित हो रही है. इससे पानी कई जगह वापस लौटकर खेतों और रिहायशी इलाकों में फैल रहा है.
निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना प्रशासन की पहली प्राथमिकता बनी हुई है. पानी बढ़ने वाले इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है.
राहत-बचाव के लिए 34 टीमें मैदान में
बाढ़ से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 7 और एसडीआरएफ की 27 टीमें मुस्तैद हैं. नाव के जरिए पानी में घिरे गांवों से लोगों को निकालकर राहत शिविरों तक पहुंचाया जा रहा है. जिन इलाकों में जलभराव ज्यादा है, वहां राशन और पीने के पानी के पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं.
तटबंधों पर भी दिन-रात निगरानी रखी जा रही है, ताकि पानी का दबाव बढ़ने पर कटाव की स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके.
अगले 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है. ऐसे में अगर तेज बारिश होती है, तो नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है. बेगूसराई समेत 11 जिलों में पहले से करीब 17 लाख आबादी पानी से जूझ रही है. ऐसे में आने वाले दो दिन बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं.
