बेगूसराय: श्रावणी मेला की तैयारियों का एसडीओ ने लिया जायजा, सिमरिया धाम का किया निरीक्षण

Begusarai News: श्रावणी मेला को लेकर बेगूसराय एसडीओ ने सिमरिया धाम का निरीक्षण किया. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए घाटों पर साफ-सफाई और बेहतर इंतजाम के दिए निर्देश.

Begusarai News: श्रावणी मेला आगामी 30 जुलाई से शुरू हो रहा है. इसको लेकर प्रशासनिक तैयारी के मद्देनजर बेगूसराय सदर एसडीओ अनिल कुमार ने सिमरिया धाम स्थित गंगा तट का सघन निरीक्षण किया. उनके साथ बरौनी सीओ सूरजकांत, नगर परिषद बीहट के उप मुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी अवनीश कुमार, लोक स्वच्छता पदाधिकारी प्रदीप कुमार एवं स्वच्छता निरीक्षक नदीम सहित अन्य अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद थे.

मूलभूत सुविधाएं सुधारने के निर्देश

एसडीओ ने घाट की साफ-सफाई, खतरनाक घाटों की बैरिकेडिंग, अस्थाई शौचालय, बिजली, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षा, सूचना केंद्र और चेंजिंग रूम की व्यवस्था को देखा. उन्होंने मुख्य स्नान घाट तक जाने वाली सड़क के दोनों तरफ दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की तैयारी सावन शुरू होने से पहले ठीक करने की आवश्यकता जताई. उन्होंने कहा कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी.

पवित्र तीर्थ नगरी है सिमरिया

उप मुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार ने कहा कि सिमरिया धाम आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है. श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता है. विदित हो कि पूरे सावन माह में मिथिलांचल की पवित्र कहे जाने वाले तीर्थ नगरी सिमरिया गंगा घाट पर कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ती है, जो यहां से जल भरकर विभिन्न शिवालयों के लिए रवाना होते हैं.

लाखों कांवरिया उठाते हैं जल

सिमरिया गंगा घाट से पूरे माह लाखों की संख्या में कांवरिया व डाक बम जल लेकर मिनी देवघर कहे जाने वाले हरिगिरीधाम (गढ़पुरा) एवं लखीसराय के अशोक धाम के लिए रवाना होते हैं. इसके साथ ही देवघर से लौटकर बड़ी संख्या में मिथिलांचल के लोग सिमरिया धाम में रुकते हैं. वे यहां से पुनः पवित्र गंगाजल लेकर अपने पैतृक घरों को लौटते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में चौबीसों घंटे भारी चहल-पहल बनी रहती है.

गंदगी हटाने की बड़ी चुनौती

वर्तमान में सिमरिया गंगा घाट पर हर तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है. मुंडन के बाल, दातून और जगह-जगह कूड़े-कचरे के ढेर व खुले में मल-मूत्र की दुर्गंध से कांवरियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पर्याप्त शौचालय की कारगर व्यवस्था नहीं रहने के कारण कांवरिया खुले में शौच करने को विवश होते हैं. अधिकारियों ने इन सभी कमियों को समय रहते दूर करने का आश्वासन दिया है.

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Author: Bipin kumar raj

Published by: Vikash Jha

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