Railway employees union protest: ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन ने राज्यव्यापी आह्वान पर एक सितंबर को जिले में काला दिवस मनाया. इस दौरान कर्मचारियों ने एनपीएस और यूपीएस को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की.
200 से अधिक कार्यस्थलों पर हुआ प्रदर्शन
यूनियन नेता धनश्याम पासवान ने बताया कि सभी मंडल और उत्पादन इकाइयों की शाखाओं सहित करीब 200 से अधिक कार्यस्थलों, स्टेशनों, स्टोर, यूनिट और कार्यालयों में काला दिवस मनाया गया. कर्मचारियों ने काली पट्टी लगाकर और नारेबाजी कर केंद्र सरकार के प्रति विरोध जताया.
पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग
यूनियन नेताओं ने कहा कि एनपीएस और यूपीएस कर्मचारियों के हित में नहीं है. कर्मचारियों की मांग है कि दोनों पेंशन व्यवस्थाओं को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए. यह काला दिवस बिहार एनएमओपीएस/एफएएनपीएसआर के आह्वान पर मनाया गया.
बेगूसराय गैंग हॉल्ट पर भी प्रदर्शन
सोनपुर मंडल के अंतर्गत बेगूसराय गैंग हॉल्ट पर भी कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया. यूनियन नेता ने बताया कि बिहार में एनपीएस लागू होने की तारीख को कर्मचारी काला दिवस के रूप में याद करते हैं. इसी के समर्थन में ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन की सीडब्ल्यूसी बैठक में सर्वसम्मति से काला दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था. इसके बाद पूरे जोन में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया.
प्रदर्शन में दिनेश सिंह, चंद्रमौली महतो, दिलीप सिंह, बेचन ठाकुर, उमेश रजक, जय जय राम महतो, नागो पासवान, संजीत कुमार, बिरजू महतो, देवन पासवान समेत अन्य कर्मचारी शामिल हुए.
