Begusarai Crime News : बेगूसराय के चकिया थाना क्षेत्र की सिमरिया-2 पंचायत से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. जहां कुछ दबंगों ने एक घर में घुसकर महिला के साथ बदतमीजी की. जब उसके पति ने इसका विरोध किया, तो उन्होंने उसे पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया. इस मामले में पीड़ित पति ने चकिया थाने में केस (कांड संख्या-67/26) दर्ज कराया है, जिसमें तीन लोगों को नामजद और चार अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है.
घर में घुसकर की छेड़खानी
घटना के संबंध में पीड़ित ने पुलिस को दिये गये आवेदन में बताया है कि एक जुलाई की रात लगभग आठ बजे इस कांड के नामजद आरोपी धीरज कुमार, भीषण कुमार और टोनी कुमार सहित चार अज्ञात लोग गलत नीयत से उसके घर में जबरन घुस गये और उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ करने लगे. पत्नी द्वारा शोर मचाने पर जब पति उसे बचाने दौड़ा, तो सभी आरोपियों ने मिलकर पिस्तौल की बट और लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी.
Begusarai News : बंधक बनाकर की पिटाई
पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उसके गले से डेढ़ भरी सोने की चेन छीन ली और घर के बाहर खड़ी पल्सर मोटरसाइकिल लेकर चले गये. इतने पर भी जब दबंगों का मन नहीं भरा, तो सभी आरोपी पीड़ित पति को मारते-पीटते हुए अपने घर की ओर ले गये और वहां बंधक बनाकर उसकी जमकर पिटाई की. पीड़ित की पीठ पर चोट के गहरे और स्पष्ट निशान घटना की बर्बरता को बयां कर रहे हैं.
पुलिस ने पीड़ित को बचाया
इधर, घटना के बाद पीड़ित की पत्नी भागती हुई चकिया थाना पहुंची और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देते हुए अपने पति की जान बचाने की गुहार लगायी. इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी के घर पर छापेमारी की, तब जाकर पीड़ित की जान बच सकी. पुलिस को आते देख वहां मौजूद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए, हालांकि पुलिस ने घेराबंदी कर एक आरोपी को पकड़ लिया और थाने ले आई.
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस मामले में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. घटना में बुरी तरह घायल व्यक्ति को पुलिस द्वारा थाना से कोई वाहन उपलब्ध कराए बिना ही देर रात इलाज के लिए सदर अस्पताल जाने को कह दिया गया. पीड़ित ने बताया कि वह किसी तरह मोटरसाइकिल से रात करीब 11:30 बजे सदर अस्पताल पहुंचा और प्राथमिक उपचार के बाद रात एक बजे जब दोबारा थाना पहुंचा, तो उससे सुबह आने को कहा गया.
पीड़ित का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि जब वह अगले दिन सुबह 10 बजे मामला दर्ज कराने गया, तो पुलिस द्वारा काफी टालमटोल किया गया और अंततः शाम को प्राथमिकी दर्ज की गई. उसने यह भी बताया कि वह न्याय की गुहार लेकर बेगूसराय एसपी से मिलने उनके कार्यालय भी पहुंचा था, लेकिन वहां मौजूद कर्मियों ने ‘साहब नहीं हैं’ कहकर उसे बाहर से ही लौटा दिया.
इधर, पूरे मामले को लेकर चकिया थानाध्यक्ष गौतम कुमार दास ने बताया कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सुसंगत धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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