सूखे नशे से बढ़ते खतरे को लेकर किया गया जागरूक

समाज में तेजी से बढ़ते सूखे नशे के खतरे को देखते हुए जयमंगला वाहिनी परिवार के द्वारा एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

बेगूसराय. समाज में तेजी से बढ़ते सूखे नशे के खतरे को देखते हुए जयमंगला वाहिनी परिवार के द्वारा एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम काली स्थान के समीप स्थित बी.आर.सी.एस.एम. परिसर में कुशल युवा कार्यक्रम के अंतर्गत अध्ययनरत छात्रों के बीच आयोजित किया गया।0. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सूखे नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था. कार्यक्रम के अंत मे मीडिया प्रभारी सुमित कुमार ने उपस्थित सभी बच्चों को नशा नहीं करने हेतु शपथ दिलवाया. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रेडियोलॉजिस्ट डॉ. रमण ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि नशा मानव शरीर को अंदर से खोखला कर देता है. शुरुआत में यह आदत आनंद देने वाली प्रतीत होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति को मानसिक तनाव, चिड़चिड़ेपन, आक्रामक व्यवहार और अवसाद की ओर धकेल देती है। उन्होंने बताया कि नशे की लत के कारण कई गंभीर बीमारियाँ उत्पन्न होती हैं, जिनका इलाज कठिन और खर्चीला होता है. डॉ. रमण ने युवाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूरी बनाकर रखें और अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाएं. जयमंगला वाहिनी परिवार के जिलाध्यक्ष महेश वत्स ने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है. उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे समाज में जागरूकता फैलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं. उन्होंने कहा कि यदि युवा ठान लें तो समाज को नशा मुक्त बनाना कोई मुश्किल कार्य नहीं है. नशे से दूरी ही स्वस्थ और सफल जीवन की कुंजी है. जयमंगला वाहिनी परिवार के मीडिया प्रभारी सुमित कुमार ने कहा कि नशे के विरुद्ध संघर्ष सामूहिक होना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हमें नशे के विरुद्ध लड़ाई लड़नी है, न कि नशे की चपेट में आए व्यक्ति के विरुद्ध. ऐसे लोगों को दुत्कारने के बजाय उन्हें समझाने, सहारा देने और सही दिशा दिखाने की आवश्यकता है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में लौट सकें. अवनीश कुमार उर्फ सिंह मालिक ने कहा कि वर्तमान समय में सूखा नशा समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है, जिसकी चपेट में सबसे अधिक युवा वर्ग आ रहा है. यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका प्रभाव पूरे समाज पर गंभीर रूप से पड़ सकता है. मौके पर उपस्थित कुणाल भारद्वाज ने कहा कि जब तक युवा वर्ग जागरूक नहीं होगा, तब तक समाज को सुरक्षित नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने कहा कि नशे का फैलाव रोकने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों को मिलकर निरंतर प्रयास करना होगा. जागरूकता ही नशा उन्मूलन का सबसे सशक्त माध्यम है. नगर मंत्री सोनू कुमार ने जयमंगला वाहिनी परिवार द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि नशा उन्मूलन जैसे संवेदनशील विषय पर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना सराहनीय पहल है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर से लोगों को जागरूक करना चाहिए, ताकि समाज से नशे की बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सके. इस अवसर पर डॉ. रमण, अवनीश कुमार, सोनू कुमार, सुमित कुमार, महेश वत्स, कुणाल भारद्वाज सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

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By Manish kumar

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