बेगूसराय: खेत मजदूर यूनियन ने दिया धरना, 700 रुपये न्यूनतम मजदूरी करने की मांग

Begusarai News : वक्ताओं ने पुरानी मनरेगा व्यवस्था बहाल करने, प्रस्तावित ‘विकसित ग्राम–जी’ कानून को वापस लेने समेत कई मांगों को लेकर समाहरणालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया.

Begusarai News : अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर उससे संबद्ध बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन की बेगूसराय जिला कमेटी ने शुक्रवार को समाहरणालय के दक्षिणी द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता रामविलास सिंह ने की.

200 दिन रोजगार की गारंटी की मांग की

धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने पुरानी मनरेगा व्यवस्था बहाल करने, प्रस्तावित ‘विकसित ग्राम–जी’ कानून को वापस लेने, प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी 700 रुपये निर्धारित करने, वर्ष में 200 दिन रोजगार की गारंटी देने तथा काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की. इसके साथ ही बेगूसराय गैंगरेप मामले के दोषियों को फांसी की सजा देने और बिहार सरकार द्वारा जमीन की बिक्री-निबंधन शुल्क में की गई वृद्धि वापस लेने की भी मांग उठाई गई.

10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन की चेतावनी

जिला सचिव रामभजन सिंह ने कहा कि प्रस्तावित कानून मजदूरों और गरीबों के साथ धोखा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें रोजगार की कोई गारंटी नहीं है और वर्ष में केवल 60 दिन काम की व्यवस्था की गई है. साथ ही रोजगार पर होने वाले खर्च का 40 प्रतिशत भार राज्यों पर डालने का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि पूर्व की मनरेगा व्यवस्था में 100 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी, काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता तथा खर्च में राज्य सरकार की हिस्सेदारी केवल 10 प्रतिशत थी. उन्होंने 10 अगस्त को प्रस्तावित देशव्यापी जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने का भी आह्वान किया.

गरीबों को जमीन का पर्चा देने की मांग

माकपा जिला सचिव राकेश झा ने बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, दलितों, गरीबों और महिलाओं पर बढ़ते हमलों, हत्या, दुष्कर्म और फर्जी मुठभेड़ों के मामलों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने भूमिहीन गरीबों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने, बेदखल पर्चाधारियों को जमीन पर कब्जा दिलाने और पहले से बसे गरीबों के नाम पर्चा निर्गत करने की मांग की.

किसान-मजदूर एकता को मजबूत करने का आह्नान किया

किसान कौंसिल के जिला सचिव दयानिधि चौधरी ने जमाबंदी सुधार के नाम पर भ्रष्टाचार, फसल क्षतिपूर्ति योजना की विसंगतियों, जल निकासी की समस्या, कृषि उपज के घटते दाम, खेती की बढ़ती लागत तथा खाद की किल्लत जैसे मुद्दों पर किसान-मजदूर एकता को मजबूत करने का आह्वान किया.

सीटू के राज्य सचिव आर.एस. राय ने कहा कि सरकार चार नए श्रम संहिताओं के माध्यम से मजदूर विरोधी नीतियां लागू करना चाहती है.

धरने को जयप्रकाश यादव, सुरेश पासवान, रामजी पासवान, मोद साह, सुरेश साह सहित कई नेताओं ने भी संबोधित किया.

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By Rajeev Kumar

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मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

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