अमरपुर. वन केंद्र सुपहा सभागार में बुधवार को भावाअशिप-वन उत्पादकता संस्थान रांची एवं बांका वन प्रमंडल कार्यालय के संयुक्त तत्वाधान में मशरूम की खेती विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजित हुआ. कार्यक्रम में उपस्थित क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक भागलपुर सुधीर कुमार ने कहा कि बांका में वनों के निकट ग्रामीणों के जीविकोपार्जन को बढ़ावा देने के उदेश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद उपयोगी है. साथ ही वनों के कटाव को रोक के लिए आशा व्यक्त की. वन प्रमंडल पदाधिकारी शिखर प्रधान ने मशरूम की खेती, लाह की खेती, बांस प्रबर्धन एवं बांस निर्मित वस्तुओं के निर्माण संबधित प्रशिक्षण, औषधीय पौधों की खेती के लिए करने आदि विषयों के प्रशिक्षण को बांका के ग्रामीणों के लिए वन उत्पादकता संस्थान, रांची से अनुरोध किया गया. ग्रामीणों के जीविकोपार्जन के लिए कार्य करने का आश्वासन दिया. रेंज आफिसर निधि कुमारी एवं सहायक वन संरक्षक अम्बेश किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि गर्मी के दिनों में होने वाली वनों में आग की घटना से सचेत रहना चाहिए. आग को बुझाने के लिए सार्थक प्रयास करने का अपील की गयी. विशेषज्ञ प्रस्तोता अविनाश कुमार ने मशरूम की खेती संबंधित प्रशिक्षण दिया और ग्रामीणों के आय में वृद्धि का साधन बताया. उन्होंने मशरूम की खेती के विभिन्न प्रक्रियाओं यथा पाश्चुरीकरण, बैग बनाना, पुआल की तैयारी, उचित तापमान, सिंचाई, बीज रोपनी, उत्पादन काल, फसल की परिपक्वता और फसल उत्पादन संबंधित सावधानी को प्रस्तुति एवं व्यवहारिक रूप से विस्तार पूर्वक जानकारी दिया. इस मौके पर अन्य पदाधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद थे.
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