जिप सदस्यों की अनुपस्थिति के बाद अविश्वास प्रस्ताव को किया गया निरस्त बांका.
जिला परिषद अध्यक्ष राजेंद्र यादव की कुर्सी सुरक्षित रह गयी. अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विशेष बैठक बुलाने वाले सभी जिप सदस्य बैठक से गैर हाजिर रहे. इस वजह से यह अविश्वास प्रस्ताव अस्वीकृत हो गया. जानकारी के मुताबिक समाहरणालय सभागार में शनिवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए विशेष बैठक आयोजित की गयी थी. इस संबंध में डीडीसी सह जिला परिषद मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी उपेंद्र सिंह ने बताया कि बैठक का समय सुबह 11 बजे निर्धारित था, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन देने वाले 18 में से कोई भी जिप सदस्य उपस्थित नहीं हुए. जिप सदस्यों का अतिरिक्त एक घंटा यानी 12 बजे तक प्रतीक्षा की गयी. इसके बावजूद संबंधित सदस्य के नहीं पहुंचने पर इस प्रस्ताव को विचार योग्य नहीं समझा गया और इसे निरस्त कर दिया गया. हालांकि जिप अध्यक्ष राजेंद्र यादव बैठक में उपस्थित थे, लेकिन चर्चा के लिए अन्य सदस्य नदारद रहे. वहीं दूसरी ओर जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बगैर चर्चा के ही गिरने के बाद उनके समर्थकों ने जश्न मनाया. बैठक से बाहर निकलने के बाद उनका जोरदार स्वागत किया गया. साथ ही जिला परिषद कार्यालय में फूलमाला पहनाकर उनका अभिवादन किया गया.18 सदस्यों ने जिप अध्यक्ष के खिलाफ दिया था आवेदन
गत 17 मार्च को पूर्व जिप सह जिप सदस्य अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में 18 जिला परिषद सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल ने जिला परिषद अध्यक्ष राजेंद्र यादव को ही उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित आवेदन जिला परिषद कार्यालय में समर्पित किया था. जिप सदस्यों ने मौजूदा जिप अध्यक्ष पर कई आरोप लगाये थे, जिसमें योजनाओं के स्वीकृति में सदस्यों के बीच भेद-भाव रखन, अपने पद का दुरुपयोग कर अपने परिजन को लाभ पहुंचाना इत्यादि शामिल थे. आवेदन पर संज्ञान लेते हुए जिप अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 28 मार्च की तिथि घोषित करते हुए इसकी सूचना सभी जिप सदस्यों के साथ अधिकारियों को दे दी थी. इसी निर्णय के आलोक में शनिवार को विशेष बैठक बुलायी गयी थी.
